जन-जन के हृदय में जिंदा रहेंगें शहीद भगत सिंह: मकसूद

 | 
जन-जन के हृदय में जिंदा रहेंगें शहीद भगत सिंह: मकसूद

अवधनामा संवाददाता

देवरिया। भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के चकिया कोठी चौराहा पर मंगलवार को स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह की जयंती मनाई गई।इस दौरान उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला गया।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए समाजसेवी जटाशंकर सिंह ने कहा कि देश की आजादी में सरदार भगत सिंह की अति महत्वपूर्ण भूमिका रही।उन्होंने समाज से गैर बराबरी मिटाने का आजीवन प्रयास किया।इतिहास के पन्नों में वे सदा अमर रहेंगें।कवि व पत्रकार मकसूद अहमद भोपतपुरी ने अपनी रचना-चूम लिए फांसी के फंदे कभी न हुए खिन्न,शत-शत करते तुझे नमन हम शहीद भगत सिंह---प्रस्तुत करते हुए कहा कि 28 सितम्बर 1907 को पंजाब की धरती पर जन्मे भगत सिंह ने जुल्म-ज्यादती,अन्याय,शोषण, उपनिवेशवाद,साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्ष करते हुए ब्रिटिश हुकूमत की नीव हिला दिया था।वे समाजिक न्याय पर आधारित समतामूलक समाज का स्थापना करना चाहते थे।उनके अंदर देशप्रेम की भावना कूट-कूट कर भरी थी।अपनी शहादत के बदौलत वे जन-जन के हृदय में सदा जिंदा रहेंगें।अतः उन्हें भुलाया नहीं जा सकता।समाजिक कार्यकर्ता विवेक मिश्र ने कहा कि अपने वतन पर मर मिटने वाले भगत सिंह के क्रांतिकारी कार्यों से युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए।कार्यक्रम में मुख्य रूप से लोकगायक सुबाष यादव, वीरबहादुर यादव,डॉ नगीना कुशवाहा, मुन्ना सेठ,अजय साह,भास्कर द्विवेदी, हृदयानन्द साह,अच्छेलाल साह,अनिकेत शर्मा,रामइकबाल यादव,प्रदीप शर्मा,शमशेर अली आदि मौजूद रहे।