रेलवे में हिंदी भाषा की हुई समीक्षा बैठक

 | 
 रेलवे में  हिंदी भाषा की हुई समीक्षा बैठक
अवधनामा संवाददाता

प्रयागराज :   भारतीय रेलवे में सरकारी कामकाज में हो रही राजभाषा हिंदी की प्रगति की समीक्षा करने के उद्देश्य से शुक्रवार  को  अतुल गुप्ता, अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) की अध्यक्षता में मंडल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में  संजीव दीक्षित, अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) सहित सभी अधिकारी मौजूद थे। बैठक का संचालन  शेषनाथ पुष्कर, राजभाषा अधिकारी, प्रयागराज ने किया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए  अतुल गुप्ता, अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) ने कहा कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि परिचालन के क्षेत्र में प्रयागराज मंडल सराहनीय कार्य कर रहा है पर हमारी जिम्मेदारी रेल परिचालन के साथ साथ भारत सरकार की राजभाषा नीति के प्रति भी है। इसलिए जितना हो सके आपलोग सरकारी कामकाज में राजभाषा हिंदी का प्रयोग भी करें। अंग्रेजी के जो शब्द हिंदी में रच बस गए हैं और आम आदमी उन्हें समझ रहा है उन शब्दों को वैसे ही देवनागरी लिपि में लिखें। इससे हिंदी भाषा समृद्ध होगी और सरकारी कामकाज में गतिरोध भी नहीं होगा।
बैठक का संचालन करते हुए  शेषनाथ पुष्कर, राजभाषा अधिकारी ने कहा कि रेल संचालन के लिए तकनीकी ज्ञान आवश्यक है चाहे वह ज्ञान सिविल इंजीनियरिंग का हो, चाहे वह ज्ञान यांत्रिक इंजीनियरिंग का हो, चाहे वह ज्ञान बिजली इंजीनियरिंग का हो पर रेल के बेहतर संचालन के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ आध्यात्मिक ज्ञान भी जरूरी है। मैंने जीवन में महसूस किया है कि उस व्यक्ति से जिसके पास केवल तकनीकी ज्ञान है, से वह व्यक्ति बेहतर रेल चलाएगा जिसके पास तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ आध्यात्मिक ज्ञान भी है। आध्यात्मिक ज्ञान का मार्ग साहित्य से ही होकर गुजरता है। इसीलिए सभी अधिकारियों से अनुरोध है कि वे हिंदी साहित्य की पुस्तकें पढ़ें। इससे जहाँ एक तरफ वे हिंदी में कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे वहीं दूसरी तरफ वे आध्यात्मिक क्षेत्र में भी आगे बढ़ेंगे।
संचालन करते हुए अन्त में उन्होंने कहा कि राजभाषा हिंदी के प्रचार की जिम्मेदारी केवल राजभाषा विभाग की ही नहीं है बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक की है।