बच्चों में संस्कारों की जननी धार्मिक पाठशालाए : आर्यिका

जैन अटामंदिर एवं नया मंदिर में हुई बच्चों की आकर्षक प्रस्तुतियां

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जैन अटामंदिर एवं नया मंदिर में हुई बच्चों की आकर्षक प्रस्तुतियां

अवधनामा संवाददाता
ललितपुर। आर्यिका आदर्शमति माता जी ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए  धार्मिक पाठशाला को  बच्चों में संस्कारों की जननी बताया उन्होने कहा लौकिक शिक्षा तो विद्यालयों में मिल जाती है लेकिन नैतिकता का बोध कराने के लिए संस्कार जरूरी होते हैं। धार्मिक ज्ञान जव मिलता है तभी बच्चे अच्छे बुरे को समझते हैं। उक्त विचार नगर के जैन नया मंदिर में आयोजित आचार्य विद्यासागर पाठशाला के वार्षिक कार्यक्रम के दौरान दिए उन्होने कहा पाठशालाओं के प्रयास निश्चय ही सराहनीय है। आर्यिका दुर्लभमति माता जी ने पाठशालाओं के लिए बच्चों को भेजने के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने मंदिर में बज रहे घंटाजयकारा हो जयकारा की रोचक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के शुभारम्भ में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चित्र का अनावरण चन्द्रप्रभु महिला मण्डल एवं पाठशाला परिवार ने किया। इसके पूर्व में प्रात:काल जैन अटामंदिर में पाठशाला परिवार के कार्यक्रमों में रोचक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति का सिलसिला शुरूुआत हुआ जिसमें पाश्र्वनाथ स्त्रोत की प्रस्तुति कर बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को लेकर नाटिका की प्रस्तुति और उचा है अम्बर आओ प्रभु जीस्वर्ग से सुन्दर सपनों से प्यारा है गुरूदरवार हमारा की भावनात्मक प्रस्तुति आकर्षण का केन्द्र रही। कार्यक्रम के दौरान जैन मिलन अरिहंत शाखा द्वारा आयोजित गुरू के नाम पाती प्रतियोगिता में विजेता कु सुप्रिया पूर्णिमा जैन वाहुवलिनगरदीपक जैन सिंघईसौम्या जैनआस्था जैन एवं शोभा जैन महावीरपुरा रही। निबंध प्रतियेागिता में सुरभि जैन हिमांशुश्रद्धा  जैनसाक्ष्ज्ञी रसिया श्वाती जैन अब्बल रही जिन्हें पुरूष्कृत किया गया। कार्यक्रम में आर्यिका आदर्शमति माता जी का जहां पाठशाला परिवार को आशीर्वाद मिला वहीं आर्यिका दुर्लभमति माता जीआर्यिका अनुपम मति माता जीआर्यिका गंतव्यमति जीआर्यिका मेरूमति जीआर्यिका अमन्द मति जीआवाय मति जी आर्यिका अमूर्तमति माता जीआर्यिका पृथ्वीमति ,आर्यिका श्वेत मति माता जी,आर्यिका विदेह मति माता जी,आर्यिका अधिगम्यमति माता जीआर्यिका संवर मति माता जी विराजमान रही।