शिया वक़्फ़ बोर्ड के चुनाव से एक दिन पहले मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से अलग हुए हसन कौसर

इस्तीफे की घोषणा के बाद बोले हसन कौसर समाज की सेवा के लिए मैंने समर्पित कर दिया अपना जीवन

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शिया वक़्फ़ बोर्ड के चुनाव से एक दिन पहले मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से अलग हुए हसन कौसर
अवधनामा संवाददाता

 

लखनऊ । लंबे समय से आर एस एस की शाखा मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़कर काम कर रहे सैय्यद हसन कौसर ने शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चुनाव के 1 दिन पूर्व अचानक मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से त्यागपत्र देने की घोषणा करते हुए अपने जीवन को समाज सेवा के लिए समर्पित करने का ऐलान कर दिया। बालागंज स्थित अपने कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में बोलते हुए समाजसेवी सैयद हसन कौसर ने कहा कि वो अब अपनी परफेक्ट वेलफेयर सोसाइटी के अलावा पार्षदों और प्रधानों के सहयोग से जरूरतमंद लोगों को चिन्हित कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन खपा देंगे । उन्होंने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से अलग होने का उनका मकसद सिर्फ इतना है कि वह संगठन में रहते हुए समाज को अपना वक्त नहीं दे पा रहे थे । उन्होंने कहा कि अब वह जिएंगे तो समाज के लिए और अपना पूरा जीवन समाज की बेहतरी के लिए और समाज की सेवा के लिए लगा देंगे । उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जावाद नक्वी का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड में सदस्य बनने से रोक लिया उन्हें उन्होंने शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड को नर्क की संज्ञा देते हुए कहा कि वह ऐसे वक्त बोर्ड में नहीं जाना चाहते जहां बदनामियों के सिवा और कुछ नहीं है । उन्होंने शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को चाहिए कि वह वसीम रिजवी के खिलाफ कार्यवाही करें और वसीम रिजवी के द्वारा किए गए कृत्य की गहनता से जांच कराए कि उसके पीछे किसका हाथ है और वसीम रिजवी के इस कृत्य से किसको लाभ मिलने वाला था। उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा जनता के लिए तमाम ऐसी लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं जो अगर जनता तक पहुंच जाएं तो जनता खुशहाली का जीवन व्यतीत करें कि लेकिन जनता में सरकारी योजनाओं की जानकारी का अभाव है जिसकी वजह से जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है । उन्होंने कहा कि अब वह अपना पूरा समय सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाने में लगा देंगे उन्होंने कहा कि वह अब शपथ लेते हैं कि ईद जैसा बड़ा खुशियों वाला त्योहार भी वह समाज के साथ ही मनाएंगे समाज अगर खुश रहेगा तभी वह खुश होंगे उन्होंने कहा कि वैसे तो मैं वर्ष 1988 से लगातार समाज के लिए काम कर रहा हूं लेकिन 2011 से वह समाज सेवा में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और अब तक उन्होंने तमाम कोशिशें कर 200 से ज्यादा गरीब बालिकाओं की शादियां कराई हैं इसके अलावा भी उन्होंने अपनी कोशिश भर जरूरतमंद लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है लेकिन अब वह मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से अलग होकर मुक्त हो गए हैं और उनके पास समाज सेवा के लिए समय ही समय है।