नोटबंदी देश व व्यापारियों को तबाह करने वाला काला फरमान: हरपाल

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नोटबंदी देश व व्यापारियों को तबाह करने वाला काला फरमान: हरपाल

अवधनामा संवाददाता

सहारनपुर। नोटबन्दी दिवस को काला दिवस मनाते हुए आज समाजवादी व्यापार सभा ने पदयात्रा व धरना प्रदर्शन आयोजित किया। समाजवादी व्यापार सभा के जिलाध्यक्षहरपाल सिंह वर्मा ने कहा कि नोटबन्दी देश विशेषकर व्यापारी समाज को तबाह और बर्बाद करने वाला भाजपा का तुगलकी फैसला बताया।

आज समाजवादी व्यापार सभा ने नोटबन्दी की 5वीं बरसी पर काला दिवस मनाते हुए पदयात्रा व धरना आयोजित किया। उन्होने कहा की आज के दिन 5 साल पहले 500 और 1000 रुपए के नोट जो चलन में थे उसको प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा चलन से बाहर करने का फरमान रात को 8 बजे दिया था। इस गैरजिम्मेदाराना और तुगलकी फैसले से छोटे,मध्यम व बड़े,हर वर्ग के व्यापारी बर्बाद हुए।आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार नोटबंदी के दौरान 15 लाख 41 हजार करोड़ के (500,1000) नोट चलन में थे।जिसमें 15 लाख 31 हज़ार करोड़ के नोट वापस आ गए यानि 99.3 प्रतिशत वापस आ गये। और उस वक्त ही देश की जीडीपी में 2 प्रतिशत की गिरावट आई मतलब 3 लाख 50 हजार करोड़ का भारत सरकार को नुकसान हुआ।लाखो नौकरियों में कटौती हुई। छोटे छोटे उद्योग धंधे बंद हो गये जिससे बड़ी संख्या मे मजदूर और और छोटे व्यापारी बेरोजगार हुए । अंतिम आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, 2017-18 में बेरोज़गारी बीते 45 सालों में सबसे अधिक यानी 6 प्रतिशत के हाउसहोल्ड सर्वे के अनुसार यह दर तब से अब तक लगभग दोगुनी हो चुकी है।

प्यू रिसर्च के अनुसार, 2021 की शुरुआत से अब तक 2.5 करोड़ से अधिक लोग अपनी नौकरी गँवा चुके हैं और 7.5 करोड़ लोग ग़रीबी रेखा पर पहुँच चुके हैं, जिनमें 10 करोड़ मध्यम वर्ग का एक तिहाई शामिल है।भाजपा जब सरकार में आई उस समय भारत की जीडीपी उच्च स्तर यानी 7-8 प्रतिशत पर थी, जो 2019-20 की चौथी तिमाही के दौरान दशक के सबसे कम स्तर यानी 3.1 प्रतिशत पर आ गई।नोटबन्दी की घोषणा के पांच साल बाद भी अर्थव्यवस्था में नकदी की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।समाजवादी व्यापार सभा ने माँग रखी की भाजपा इस बिना सोचे समझे गैरजिम्मेदाराना तरीके से लागू की गई नोटबन्दी के लिये देश से माफी मांगें। इस दौरान सपा व्यापार सभा के महासचिव अनुज गुप्ता, नत्थूराम यादव, राकेश वर्मा, विभोर जिंदल, सुधीर कपूर, मुकेश आदि कई पदाधिकारी मौजूद रहे।