हमीरपुर के गौशालाओं में गायों के मरने का सिलसिला है जारी

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हमीरपुर के गौशालाओं में गायों के मरने का सिलसिला है जारी 

अवधनामा संवाददाता हिफजुर्रहमान 

मौदहा - हमीरपुर। ज़िले की तमाम गौशालाओं में बंद अन्ना जानवरों की दुर्दशा है, और आये दिन किसी ना किसी गौशाला में जानवरों के मरने का सिलसिला जारी है, कुछ ठंढ से मर रहे हैं तो कुछ भूखे रह कर, आज भी वृहद गौशल में तीन जानवरों की मौत हुई है, जिन्हें जेसीबी मशीन से निकाला गया है जिसका एक वीडियो आज वायरल हुआ है, जिसपर ज़िम्मेदार अधिकारीयों ने चुप्पी साधी हुई है.

बुन्देलखण्ड इलाके में अन्ना प्रथा कोई नई समस्या नहीं है, जिससे इस इलाके के किसानों को निजात दिलाते दिलाते कई सरकारें निपट गईं, लेकिन अन्ना जानवरों की समस्या जस की तस बनी रही, लेकिन जब सूबे में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी तब सरकार के आदेश पर प्रत्येक गाँव में गौशाला बनवाई गई, और उनमें अन्ना जानवरों को बंद कर के भूसे चारे का बंदोबस्त किया गया, लेकिन इन गौशालाओं में जाने के बाद अन्ना जानवरों के दुर्दिन आ गए, और गौशाला में जानवरों के मरने का सिलसिला जारी हो गया जो लगातार जारी है, और आज भी मौदहा ब्लॉक क्षेत्र के परछा गाँव में तीन जानवरों की मौत हो गई, जिनके शवों को जेसीबी से निकाला गया, जिसका वीडियो वायरल हुआ है, यह वीडियो परछा गाँव का है जहाँ बड़ी लागत से वृहद गौसंरक्षण केंद्र बनाया गया है, जहाँ लाईट और पानी का तो बेहतर इंतज़ाम किया ही गया है, साथ ही बड़े बड़े टीन शेड भी बनाये गए हैं, ताकि जानवर सुरक्षित रह सकें.

इस समय खेती का काम ज़ोरों पर है, और नई फसल उग भी आई है, ऐसे में ज़िले भर के जानवरों को गौशाला में रक्खा गया है, जहाँ सरकार का आदेश है की भूसे चारे का बेहतर इंतज़ाम किया जाए, लेकिन यह हो नहीं पा रहा है, गौशालाओं में बंद अन्ना जानवरों को भूसे और चारे की जगह धान की पराली दी जा रही है, जिसकी वजह से जानवर कमज़ोर होते जा रहे हैं, और ऐसे में ठण्ड खाकर उनकी मौत हो रही है.।

 वही सचिव दिगंबर सिंह का कहना है कि गौवंश गौ शाला में बनी खाई पर गिर पड़ा था जिसको जे सी बी द्धारा निकाला गया है वह अभी जीवित है उसका उपचार भी किया जा रहा है ।