मुख्यमंत्री निराश्रित गाय सहभागिता योजना में भी भ्रष्टाचार

बाराबंकी जनपद में ₹900 महीने का लाभ उठा रहे हैं 407 पशुपालक

 | 
मुख्यमंत्री निराश्रित गाय सहभागिता योजना में भी भ्रष्टाचार

अवधनामा संवाददाता श्रवण चौहान

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश सरकार यूपी सहजयोग योजना 2021 या मुख्यमंत्री निराश्रित गाय सहभागिता योजना की शुरूवात की थी। यूपी सरकार की इस योजना के तहत 1 आवारा मवेशी अपनाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को हर महीने 900 रुपये देने की घोषणा की थी। लेकिन यह योजना भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। जिसका जीता जागता उदाहरण उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे जनपद बाराबंकी में देखने को मिला है जहां पर पर्याप्त दस्तावेज के अनुसार 407  किसान पशु पालकों को 651 निराश्रित बेसहारा गोवंश देने का वादा किया गया है।  और बराबर उनके खाते में ₹900 प्रति माह धनराशि भी जा रही है लेकिन हकीकत में जब इसकी पड़ताल की गई तो बहुत से ऐसे लोग भी सामने आए जो फायदा तो उठा रहे हैं लेकिन जो गाय लेकर आए थे वह उनके यहां मौजूद ही नहीं है। एक किसान ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कोई भी गाय हम लोग लेकर नहीं आए हैं लेकिन 900 रुपए प्रतिमाह बराबर मिल रहा है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी बाराबंकी के द्वारा जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना अंतर्गत विभिन्न गोवंश आश्रय स्थलों से इच्छुक किसान पशु पालकों को जनपद के गोवंश आश्रय स्थलों से 407 किसानों को 651 गोवंश दिए गए हैं और उन्हें इस योजना का लाभ भी मिल रहा है लेकिन हकीकत में कुछ और ही है जिसकी जांच कराना अति आवश्यक है हालांकि अगर निष्पक्ष जांच हो जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा और दोषी पाए जाने वाले अधिकारी कर्मचारी सलाखों के पीछे होंगे।

मुख्यमंत्री निराश्रित गाय सहभागिता योजना क्या है जाने :- 

मुख्यमंत्री निराश्रित गाय सहभागिता योजना के अंतर्गत ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि मौजूदा गोवंश आश्रय जानवरों के लिए कम पढ़ रहे हैं। योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक गोद लेने के लिए 1 लाख गायों को रखने का फैसला किया। राज्य सरकार गाय लेने वाले इच्छुक व्यक्तियों के बैंक खाते में प्रति माह 900 रुपये स्थानांतरित करेगी।  यूपी सरकार प्रत्येक मवेशी को गाय आश्रय के लिए 30 रुपये प्रतिदिन का भुगतान कर रही है।

बाराबंकी जनपद में गोवंश  आश्रय स्थल बंद तो खुले में घूम रहे हैं मवेशी:- 

बाराबंकी जनपद में बहुत से ऐसे भी गोवंश आश्रय स्थल हैं जो बंद होने की कगार पर हैं बहुत से बंद भी हो चुके हैं खुले में घूम रहे मवेशी सड़कों पर दुर्घटना को दावत दे रहे हैं इसके अलावा किसानों की खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं कई बार तो किसान तरह तरह के प्रदर्शन किए लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं अगर उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार सत्ता से गई तो इसके पीछे कहीं ना कहीं किसानों को नुकसान पहुंचा रहे छुट्टा मवेशी भी जिम्मेदार हैं।

बाराबंकी के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने क्या कहा जाने:- 

इस संबंध में जब मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मारकंडे से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह योजना बराबर चल रही है और पशुपालकों को इसका लाभ भी दिया जा रहा है उन्होंने बताया कि शासन के द्वारा जैसे ही धनराशि मिलती है वैसे ही पशुपालकों के खाते में धन राशि भेज दी जाती है अगर शिकायत कहीं से मिलती है तो उस पर भी कार्यवाही की जाती है भ्रष्टाचार नहीं हो रहा  है।