कर्बला सिविल लाइंस में नाना नवासे की शहादत 28 सफर पर मजलिस मातम के साथ निकाला ताबूत का जुलूस

मौलाना हिलाल अब्बास ने कहा जिसकी सदाक़त व अमानत का लोहा दुनिया वालो ने भी माना उसे कहते है मोहम्मद 
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कर्बला सिविल लाइंस में नाना नवासे की शहादत 28 सफर पर मजलिस मातम के साथ निकाला ताबूत का जुलूस
हुसैनी किर्दार अपनाओ हक़ को हक़ कहो बातिल के सामने सर न झुकाओ

अवधनामा संवाददाता

बाराबंकी । अंजुमन पैग़ाम ए करबला के तत्वाधान में हाजी सरवर अली करबलाई द्वारा आयोजित नाना नवासे का मातम कार्यक्रम करबला सिविल लाइन में सम्पन्न हुआ इस मौके पर अलम के साथ  साथ रसूले ख़ुदा हज़रत मोहम्मद  मुस्तफ़ा स.अ. और इमामे हसन मुजतबा अ का ताबूत बरामद हुआ,मजलिस की शुरुआत तिलावत ए कलाम ए इलाही से रज़ा मेहदी ने किया ।मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना हिलाल अब्बास साहब ने कहा 
जिसकी सदाक़त व अमानत का लोहा बेदीनों ने भी माना उसे मोहम्मद मुस्तफ़ा स۔अ۔व۔ कहते हैं ।
जो सदाक़त व अमानत दारी अपनाएगा वही सच्चा आशिक़े रसूल बन पाएगा । 
मौलाना हिलाल ने आगे कहा वो कमज़र्फ़ होते हैं जो हुकूमत पाते ही अपनी औक़ात भूल जाते हैं । इस्लाम किर्दार ए मोहम्मद से फैला इस्लाम  दुश्मन से भी बा एखलाक पेश आने की तालीम  देता है । हुसैनी किर्दार अपनाओ हक़ को हक़ कहो बातिल के सामने सर न झुकाओ ।
मौलाना हिलाल ने आगे कहा करबला गवाह है जो भी जिसभी मसलक या मज़हब से आया हुसैनी किरदार अपनाया हुसैनी हो गया। आखिर में रसूले खुदा , हसन मुजतबा व करबला वालों के मसायब पेश किए जिसे सुनकर अजादार फफक फफक कर रो पढ़े।
मजलिस से पहले डॉक्टर रज़ा मौरान्वी ने पढ़ा -
 हुसैन तू है रसूलों की अज़मतों का अमीं ।
कसम ख़ुदा कि तेरा इम्तेहान बोलता है।।
बादे मजलिस  अलम ताबूत बरामद हुआ जो जन्नतुल बकी रौज़े तक गया 
इस मौके पर  आसिम नक़वी , हैदर अब्बास, मेहदी रज़ा और आसिफ अख्तर ने नौहाखानी व सीनाज़नी की।
करबला परिसर में अलम ताबूत का गश्त नौहाख्खानी व सीनाज़नी के साथ होता हुआ रौजे पर अलविदाई मजलिस के साथ समाप्त हुआ। 
अलविदाई मजलिस को भी मौलाना हिलाल अब्बास ने मसायब पेश कर  अन्जाम दिया।
ज्यारते रसूले खुदा ज़्यारते हसन मुजतबा ज़्यारते इमाम हसन व शोहदाए करबला भी पढाई।
अंत मे अंजुमन पैग़ामे कर्बला के ओहदेदारों की तरफ से मोहम्मद हैदर रिज़वी व सरवर अली रिज़वी ने सभी का आभार प्रकट किया।