एम्स दिल्ली की डॉ. प्रियंका सहरावत ने किडनी मरीजों के लिए डाइट में 4 मिनरल्स – सोडियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस और कैल्शियम को संतुलित रखने की सलाह दी है।
अगर आपकी फैमिली या जान-पहचान में कोई किडनी का मरीज है, तो उनके लिए सही और संतुलित डाइट की जानकारी होना बहुत जरूरी है। एम्स दिल्ली की एमडी मेडिसिन और डीएम न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ, डॉ. प्रियंका सहरावत के मुताबिक, किडनी के मरीजों को अपनी डाइट में मुख्य रूप से 4 मिनरल्स का खास ध्यान रखना चाहिए। जी हां- सोडियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस और कैल्शियम।
आइए डॉक्टर की सलाह के आधार पर जानते हैं कि डाइट में इन मिनरल्स को कैसे बैलेंस रखा जाए।
सोडियम
किडनी के मरीजों के लिए सोडियम की मात्रा को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। इसके लिए आपको पूरे 24 घंटे में 5 ग्राम से भी कम नमक का सेवन करना चाहिए। भोजन में नमक की मात्रा कम रखने से किडनी पर कम दबाव पड़ता है।
पोटैशियम
जब किडनी खराब होने लगती है, तो वह शरीर से पोटैशियम को सही से बाहर नहीं निकाल पाती है। इसके कारण खून में पोटैशियम जमा होने लगता है और इसका स्तर बढ़ जाता है। इसे नियंत्रित करने के लिए आपको अपनी डाइट में पोटैशियम से भरपूर चीजों को कम करना होगा। नारियल पानी, केला और एवोकाडो जैसी चीजों का सेवन बहुत ही कम मात्रा में करें।
फास्फोरस
डॉक्टर के अनुसार, किडनी के मरीजों के लिए फॉस्फोरस का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। जब किडनी फॉस्फोरस को शरीर से बाहर निकालने में असमर्थ हो जाती है, तो यह खून में बढ़ने लगता है। इसके बढ़ने से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और शरीर में भयंकर दर्द रहने लगता है। इसे कम करने के लिए आपको अपनी डाइट से ये चीजें कम करनी होंगी:
- डेयरी प्रोडक्ट्स
- मेवे और बीज (जैसे कद्दू के बीज और अखरोट)
- बेकरी आइटम्स
- पैकेज्ड फूड
कैल्शियम
किडनी के मरीजों में कॉम्प्लिकेशन के रूप में हड्डियों की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए कैल्शियम बहुत जरूरी है। एक मरीज को दिन भर में 800 मिलीग्राम से 1000 मिलीग्राम कैल्शियम लेना चाहिए। इस जरूरत को आप अपनी डाइट के जरिए या फिर कैल्शियम सप्लीमेंट्स लेकर पूरा कर सकते हैं।
खून में इन 4 मिनरल्स का सही संतुलन बनाए रखना किसी भी किडनी के मरीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अपनी डाइट में इन जरूरी बदलावों को अपनाकर बहुत सी शारीरिक तकलीफों से बचा जा सकता है।





