Thursday, February 12, 2026
spot_img
HomeNationalजैश-ए-मोहम्मद ने करवाया था लाल किले के पास धमाका, UNSC की रिपोर्ट...

जैश-ए-मोहम्मद ने करवाया था लाल किले के पास धमाका, UNSC की रिपोर्ट में पाकिस्तान फिर बेनकाब

एक बार फिर पाकिस्तान बेनकाब हो गया है। संयुक्त राष्ट्र की आतंकवाद विरोधी निगरानी टीम ने कहा कि एक सदस्य देश ने सूचना दी है कि जैश-ए-मोहम्मद ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली है और 9 नवंबर को नई दिल्ली के लाल किले पर हुए हमले से भी उसका संबंध है।

संयुक्त राष्ट्र (UN) की आतंकवाद विरोधी निगरानी टीम ने लाल किले पर हुए धमाके को लेकर बड़ा खुलासा किया है। यूएन ने बताया कि एक सदस्य देश ने सूचना दी है कि जैश-ए-मोहम्मद ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर हुए हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है।

एक सदस्य देश ने सूचना दी है कि

इसके साथ ही, UN ने आतंकी संगठन की बदलती रणनीतियों पर चिंता जताते हुए मसूद अजहर द्वारा ‘जमात-उल-मुमिनात’ नामक एक विशेष महिला आतंकी विंग के गठन की पुष्टि की है।

लाल किला हमले में जैश-ए-मोहम्मद का हाथ

दरअसल, जैश-ए-मोहम्मद का भारत को मुख्य रूप से निशाना बनाकर आतंकवादी गतिविधियों का एक लंबा इतिहास रहा है। यूएन ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में बताया है कि एक सदस्य देश ने सूचना दी है कि जैश-ए-मोहम्मद ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली है और 9 नवंबर को नई दिल्ली के लाल किले पर हुए हमले से भी उसका संबंध है, जिसमें 15 लोग मारे गए थे।

यूएन द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि 8 अक्टूबर को जैश-ए-मोहम्मद के नेता मसूद अजहर ने औपचारिक रूप से जमात-उल-मुमिनात नामक एक महिला-निहित शाखा की स्थापना की घोषणा की। इस नए संगठन का स्पष्ट उद्देश्य आतंकवादी हमलों को समर्थन देना था, जो समूह द्वारा भर्ती और सहायता रणनीतियों में बदलाव का संकेत देता है।

UN की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र की निगरानी दल ने चेतावनी दी है कि निरंतर आतंकवाद-विरोधी दबाव के बावजूद, जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूह नए भर्ती मॉडल या प्रतीकात्मक, प्रभावशाली हमलों के माध्यम से अनुकूलनशीलता प्रदर्शित करना जारी रखे हुए हैं।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, भले ही कुछ आतंकी संगठन कमजोर या खंडित हो गए हों, लेकिन उनकी खुद को नया रूप देने, पुनर्गठित करने और उच्च-स्तरीय लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर क्यों नहीं हो पा रही कार्रवाई

ज्ञात हो कि संयुक्त राष्ट्र की निगरानी दल ने आतंकवाद की वर्तमान स्थितियों को भी उजागर किया। यहां कुछ देश जैश-ए-मोहम्मद को सक्रिय और परिचालन की दृष्टि से खतरनाक मानती हैं, वहीं एक अन्य सदस्य देश का कहना है कि यह संगठन निष्क्रिय हो चुका है, जो खुफिया आकलन और जमीनी कार्रवाई में लगातार मौजूद कमियों को दर्शाता है।

इस तरह की विसंगतियों के कारण दक्षिण एशिया में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी कार्रवाई जटिल हो गई है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular