बिहार विधानसभा चुनाव के बाद प्रशांत किशोर और प्रियंका गांधी की सीक्रेट मीटिंग की खबर सामने आई है। जब संसद के शीतकालीन सत्र में हिस्सा लेने पहुंची प्रियंका गांधी से इस मुलाकात पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ठ इनकार नहीं किया, बल्कि सवाल को घुमाते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार सदन की कार्यवाही को बार-बार क्यों बाधित कर रही है?
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त पाने के बाद प्रशांत किशोर एक बार फिर सियासी सुगबुगाहटों का हिस्सा बन गए हैं। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने इंडी गठबंधन पर भी सवाल खड़े किए। वहीं, अब कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के साथ उनकी सीक्रेट मीटिंग की खबर सामने आ रही है। इसी बीच प्रियंका गांधी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है।
संसद के शीतकालीन सत्र में हिस्सा लेने पहुंची प्रियंका गांधी से जब इस मुलाकात पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ठ इनकार नहीं किया, बल्कि सवाल को घुमाते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा करना शुरू कर दिया।
प्रियंका गांधी ने क्या कहा?
प्रियंका गांधी ने दो टूक शब्दों में कहा, “ये भी कोई खबर है? आप यह क्यों नहीं पूछते कि सरकार सदन की कार्यवाही को बार-बार क्यों बाधित कर रही है?”
कांग्रेस की रैली में पीएम मोदी के खिलाफ लगाए गए नारे पर जवाब देते हुए प्रियंका गांधी ने कहा-
“हम लोग आपस में भी यही बात कर रहे थे कि किसने कहा यह सब? हमें तो कुछ मालूम ही नहीं था। बाद में पता चला कि सार्वजनिक तौर पर किसी ने इंटरव्यू में कहा है। अब पता नहीं वो कोई कार्यकर्ता है या कौन है? उनको (बीजेपी) खुद नहीं मालूम कि वो कौन है? तो सदन में यह सवाल क्यों उठा रहे हैं? वो भी प्रश्नकाल के समय। इससे साफ है सरकार सदन चलाना ही नहीं चाह रही है।
सीक्रेट मीटिंग की अटकलें
सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि बीते दिन प्रशांत किशोर ने प्रियंका गांधी से मुलाकात की और दोनों के बीच लगभग 2 घंटे तक बैठक चली। कांग्रेस से किनारा करने के 3 साल बाद प्रशांत किशोर का नाम फिर से पार्टी के साथ जोड़ा जा रहा है।
बिहार चुनाव में कांग्रेस पर उठाए थे सवाल
बिहार चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ और SIR अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा था कि यह कोई चुनावी मुद्दा नहीं है। बिहार चुनाव में प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी ने 238 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली। वहीं, कांग्रेस पार्टी के हिस्से में सिर्फ 6 सीटें ही आईं हैं।
3 साल पहले कांग्रेस से किया था किनारा
प्रशांत किशोर ने 2021 में कांग्रेस पार्टी को फिर से संगठित करने का प्रस्ताव पेश किया था। इस दौरान प्रशांत किशोर और कांग्रेस नेताओं के बीच मुलाकात का सिलसिला जारी था। अप्रैल 2022 में उन्होंने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के सामने इस प्लान का खाका पेश किया। इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी मौजूद थे।
बैठक के बाद सोनिया गांधी ने पैनल गठित करने का फैसला किया था। उस समय प्रशांत किशोर भी कांग्रेस पार्टी का हिस्सा बनना चाहते थे। हालांकि, बाद में इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया, जिसके बाद कांग्रेस और प्रशांत किशोर के बीच मनमुटाव की खबरें सामने आने लगी थीं।





