अंतरराष्ट्रीय मान्यता के लिए बेताब तालिबान, अफगानिस्तान में सरकारी कर्मचारियों की भर्ती शुरू करने की घोषणा की

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अंतरराष्ट्रीय मान्यता के लिए बेताब तालिबान, अफगानिस्तान में सरकारी कर्मचारियों की भर्ती शुरू करने की घोषणा की

काबुल। अफगानिस्तान में तालिबान ने एक बार फिर से सरकारी कर्मचारियों की भर्ती शुरू करने की घोषणा की है। लेकिन महिलाओं को इन भर्तियों से बाहर रखा गया है। द खामा प्रेस ने बताया कि अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात के प्रशासनिक सुधार आयोग ने कहा कि वे सिविल सेवकों की भर्ती को फिर से शुरू करने के लिए एक नई नीति पर काम कर रहे हैं।

खुली प्रतियोगिता के माध्यम से होगी भर्तियां

काबुल में सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए आयोग के अधिकारियों ने कहा कि वे प्रशासनिक सुधारों के नेटवर्क को फिर से सक्रिय करेंगे और खुली प्रतियोगिता के माध्यम से सिविल सेवकों की भर्ती करेंगे। आयोग के प्रमुख किरामतुल्लाह अखुंदजादा ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को प्रशासन में और सुविधाएं सुनिश्चित करने और प्रशासन में सुधार के लिए काम करना होगा। खामा प्रेस ने बताया कि अधिकारियों ने कहा कि महिला सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। इसमें अभी ओर समय लगेगा।

महिलाओं के लिए जारी प्रतिबंध

आपको बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता लौटने के बाद अफगान महिलाओं की शिक्षा, काम और लंबी यात्रा पर प्रतिबंध लगाने सहित कई नियम लागू किए गए हैं। तालिबान सत्ता में महिलाओं को धमकाने की घटनाएं एक नई सामान्य बात होती जा रही हैं। तालिबान के मंत्रालय ने पहले ही राजधानी काबुल में चारों ओर पोस्टर लगाकर अफगान महिलाओं को बुर्के में रहने का आदेश दिया था। यूरोन्यूज द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में काबुल में लगाए गए पोस्टर में चेहरे को ढंकने वाले बुर्के की एक छवि दिखाई दे रही है।

महिलाओं का हिजाब पहनना अनिवार्य

शरिया कानून के अनुसार मुस्लिम महिलाओं को हिजाब पहनना अनिवार्य है। पोस्टर में सिर ढंकने की प्रथा का जिक्र है। हाल के दिनों में इस्लामिक अमीरात के पुण्य और वाइस मंत्रालय ने महिलाओं की यात्रा पर एक नया निर्देश जारी किया था। आदेश के अनुसार महिलाओं को सड़क मार्ग से लंबी दूरी की यात्रा करने के दौरान एक पुरुष का साथ होना, अपना सिर व मुंह ढंकने के लिए हिजाब पहनना आवश्यक होगा। मंत्रालय ने वाहनों में संगीत बजाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।

इस बीच इस्लामिक अमीरात ने तालिबान से जुड़े लोगों को ही प्राथमिकता देने की अफवाहों का खंडन किया है। आयोग के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने पिछले पांच महीनों के दौरान कुछ तालिबान सहयोगियों को काम पर रखा था। लेकिन आपात स्थिति में खाली स्थानों को भरने के लिए ही तालिबान सहयोगियों को काम पर रखा गया था। तालिबान अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त करने के लिए बेताब हैं। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा मान्यता प्राप्त करने के लिए महिलाओं और मानवाधिकारों का सम्मान, समावेशी सरकार की स्थापना, अफगानिस्तान को आतंकवाद का सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने देना निर्धारित मान्यता के लिए पूर्व शर्त हैं।