चीन के खिलाफ ताइवान सेना ने अपनी रक्षा शक्ति बढ़ाते हुए वायुसेना में उन्नत एफ-16वी लड़ाकू विमानों को तैनात किया

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चीन के खिलाफ ताइवान सेना ने अपनी रक्षा शक्ति बढ़ाते हुए वायुसेना में उन्नत एफ-16वी लड़ाकू विमानों को तैनात किया 

नई दिल्‍ली/ताइपे, । ताइवान ने चीन की धमकियों का करारा जवाब दिया है। उसने अपनी रक्षा शक्ति बढ़ाते हुए वायुसेना में उन्नत एफ-16वी लड़ाकू विमानों को तैनात किया है। चीन स्वशासित द्वीप ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने गुरुवार को चियाई सैन्य बेस पर वायुसेना में 64 उन्नत एफ-16वी लड़ाकू विमानों को शामिल कराया। ये विमान ताइवान के कुल 141 एफ-16 ए/बी लड़ाकू विमानों का हिस्सा हैं, जो 1990 के आसपास में विकसित किए गए थे। वर्ष 2023 के अंत तक इन सभी विमानों को पूर्ण रूप से उन्नत कर दिया जाएगा। ताइवान ने यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब वह चीन व अमेरिका के बीच तनाव की सबसे बड़ी वजह बन चुका है। बता दें कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इसी हफ्ते एक वर्चुअल शिखर सम्मेलन में अपने अमेरिकी समकक्ष जो बाइडन से कहा था कि ताइवान पर चीन के दावे को दी जानी वाली चुनौतियों का मतलब आग से खेलना होगा। चीन व ताइवान वर्ष 1949 के गृहयुद्ध में अलग हो गए थे।

रिपोर्टएएनआइ के अनुसार, अमेरिका-चीन आर्थिक व सुरक्षा समीक्षा आयोग (यूएससीसी) ने बुधवार को संसद में सौंपी गई वार्षिक रिपोर्ट (2021) में कहा है कि ताइवान पर हमले के लिए चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) क्षमता हासिल करने के करीब है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दशकों से जारी चीनी सेना के आधुनिकीकरण ने ताइवान व चीन के बीच शक्ति का असंतुलन कर दिया है। ताइवान कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।

एफ-16 वाइवर की खूबियां

एफ-16 वाइवर लड़ाकू विमान F-35 और F-22 रैप्टर जैसे पांचवी पीढ़ी के विमानों के साथ युद्ध के मैदान में तबाही मचा सकता है। यह लड़ाकू विमान एयर डिफेंस को चकमा दे सकता है। इसके अलावा इसे हवा से जमीन और हवा से हवा में लड़ाई जैसे मिशनों पर तैनात किया जा सकता है।
यह लड़ाकू विमान दुश्मन के क्षेत्र में अंदर तक घुसकर हमला करने में सक्षम है। इतना ही नहीं, इसे समुद्री मिशनों पर भी तैनात किया जा सकता है। इस विमान के मिशन को जरूरत के हिसाब से कभी भी बदला जा सकता है। इतना ही नहीं यह सभी मौसमों में कठिन से कठिन लक्ष्यों को भी खोज सकता है।
एफ-16 वाइवर को हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से लैस किया जा सकता है। इसमें मीडियम रेंज की एयर टू एयर मिसाइलों को भी फिट किया जा सकता है। यह लड़ाकू विमान एंटी-शिप मिसाइलों और एयर-टू-ग्राउंड टैक्टिकल मिसाइल के साथ-साथ लेजर-गाइडेड बम से भी हमला कर सकता है।
इसमें उच्च क्षमता वाला रडार लगाया गया है, जो एकसाथ 20 से अधिक लक्ष्यों का पता लगा सकता है। बेहद उन्नत इलेक्ट्रानिक युद्ध प्रणाली के साथ ही इसमें अत्याधुनिक हथियार, सुव्यवस्थित जीपीएस नेविगेशन व धरती पर टकराव से बचने की स्वचालित प्रणाली लगाई गई हैं।
इसमें लगे अत्‍याधुनिक रडार सभी मौसमों में टारगेट को ढूंढने में सक्षम है। यह जमीन पर मौजूद लक्ष्यों को हाई रिजाल्यूशन में पहचान कर सकता है। इसके अलावा फेज एरी रडार से हवा से हवा और हवा से सतह मोड को एक साथ इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसे ग्लास काकपिट, मिशन कंप्यूटर और अत्याधुनिक एवियोनिक्स के साथ अपग्रेड किया गया है। सीपीडी पायलट को वास्तविक स्थिति की सटीक जानकारी प्रदान करता है। एफ-16 वाइपर एक अपग्रेडेड प्रोग्राम करने योग्य डिस्प्ले जनरेटर से भी लैस है। इससे दोस्त और दुश्मन लड़ाकू विमान में तेजी से समझ बढ़ती है।
यह फाल्कन परिवार के चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है। इस मल्टीरोल फाइटर एयरक्राफ्ट को अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने बनाया है। एफ-16 वाइपर को फरवरी 2012 में पहली बार लांच किया गया था। इसकी अधिकतम स्पीड 2 मैक है। यह विमान अमेरिका, ताइवान समेत दुनिया के कई देशों की वायु सेना में कार्यरत है। इस फाइटर जेट को पहली बार फरवरी 2012 में सिंगापुर एयरशो में पेश किया गया था। मौजूदा एफ-16 विमानों को अपग्रेड कर उन्हें वाइपर श्रेणी में बदला जा सकता है। इसके बाद इस विमान का नाम एफ-16वी हो जाता है।