यूरोप बना कोरोना का एपिसेंटर

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यूरोप बना कोरोना का एपिसेंटर

वाशिंग्टन, एजेंसियां। कोरोना महामारी का कहर कई देशों में जारी है। यूरोप इसका एपीसेंटर बन गया है। पिछले हफ्ते यहां लगभग 20 लाख मामले सामने आए हैं। नीडरलैंड्स में लाकडाउन लगाया गया है। कई देश में ऐसे उपाय किए जा रहे हैं। वहीं चीन में भी महामारी का प्रसार जारी है। यहां के 21 प्रांतों में संक्रमण फैल गया है। रूस और कनाडा में भी हालात खराब है। इस बीच दुनियाभर में कोरोना वैक्सीनेशन जारी। कई देश बूस्टर डोज देने की तैयारी में हैं।इसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बड़ा बयान दिया है। संगठन ने कहा है कि गरीब देश अभी टीकों का इंतजार कर रहे हैं, ऐसे में अन्य देशों का टीके का बूस्टर डोज देना 'घोटाला' है। 

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि यूरोप में पिछले सप्ताह कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद से किसी हफ्ते में सबसे ज्यादा मामले सामने आए। इस दौरान लगभग 20 लाख मामले सामने आए और लगभग 27 हजार लोगों की मौत भी हुई। पिछले सप्ताह दुनिया में कोरोना से आधी से अधिक मौतें यूरोप में ही हुईं। कोविड -19 मामले न केवल पूर्वी यूरोप में कम टीकाकरण दर वाले देशों में बढ़ रहे हैं, बल्कि पश्चिमी यूरोप में दुनिया के कुछ सबसे ज्यादा टीकाकरण दर वाले देशों में भी बढ़ रहे हैं।

जर्मनी में 50 हजार मामले सामने आए

जर्मनी में कोरोना की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। घातक संक्रमण के मामलों की दैनिक संख्या एक बार फिर 50 हजार को पार कर गई है। रोग नियंत्रण और रोकथाम के लिए जिम्मेदार जर्मन संघीय सरकारी एजेंसी और अनुसंधान संस्थान राबर्ट कोच इंस्टीट्यूट (RKI) ने कहा कि पिछले 24 घंटों में कोरोना के कारण 235 लोगों की मौत हुई है।

नीडरलैंड्स में आंशिक लाकडाउन

नीडरलैंड्स की सरकार ने कोरोना के मामलों में तेजी से उछाल को रोकने के प्रयास में आंशिक तौर पर लाकडाउन लगाने की घोषणा की है। सरकार ने रेस्तरां और दुकानों को जल्दी बंद करने का आदेश दिया है। साथ ही प्रमुख खेल आयोजनों से दर्शकों की इंट्री पर रोक रहेगी। कार्यवाहक प्रधानमंत्री मार्क रूट ने शुक्रवार को एक टेलीविजन संबोधन में कहा कि सख्त नियम तीन सप्ताह के लिए लागू किए जाएंगे।