महराजगंज। सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अधिकृत सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के अंतर्गत संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) केंद्रों का इन दिनों देशभर में गहन सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई बढ़ते साइबर अपराधों को ध्यान में रखते हुए नागरिकों को डिजिटल फ्रॉड से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से की जा रही है।
सीएससी द्वारा संचालित केंद्रों को जागरूक करने के साथ-साथ स्थानीय जिला एवं राज्य स्तरीय अधिकारियों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर उनका सत्यापन किया जा रहा है। इसी क्रम में महाराजगंज जनपद में कुल 140 सीएससी आईडी को बंद कर दिया गया है। वहीं, देशभर में हजारों ऐसे सीएससी केंद्रों की पहचान की गई है, जो निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, जिन सीएससी केंद्रों ने अपने निर्धारित स्थान पर संचालन, सेवा सूची (रेट लिस्ट), ब्रांडिंग तथा पुलिस सत्यापन प्रमाणपत्र (पीसीसी) अब तक जमा नहीं किया था, उनकी आईडी निष्क्रिय कर दी गई है। इसके अलावा, लंबे समय से निष्क्रिय अथवा स्थापित होने के बावजूद संचालित न हो रहे केंद्रों पर भी सख्त कार्रवाई की गई है।
सीएससी के जिला प्रबंधक संजय कुमार मौर्या ने बताया कि प्रथम चरण में महाराजगंज जिले के 140 सीएससी केंद्रों को पुनरीक्षण के तहत बंद किया गया है। इसके सापेक्ष अब तक 50 से अधिक सीएससी केंद्रों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। यह प्रक्रिया आगे भी चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि सीएससी केंद्रों के माध्यम से बिजली बिल भुगतान, प्रधानमंत्री योजनाएं, पैन व पासपोर्ट सेवाएं, बीमा, ई-डिस्ट्रिक्ट, यूसीएल, बैंकिंग सहित विभिन्न डिजिटल सेवाएं आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जाती हैं। इसलिए केंद्रों की ब्रांडिंग, सेवा सूची-रेट लिस्ट तथा पुलिस वेरिफिकेशन की उपलब्धता सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
जांच के दौरान विशेष ऐप के माध्यम से जियो-टैगिंग सहित सभी मानकों की जांच की जाएगी। जिला प्रबंधन ने सभी सीएससी संचालकों से अपील की है कि वे स्वयं साइबर फ्रॉड से सतर्क रहें और आम नागरिकों को भी इसके प्रति जागरूक करें, ताकि डिजिटल सेवाओं का लाभ सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंच सके।





