निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1984 में ब्रिटेन के सहयोग से स्वर्ण मंदिर पर हमला किया। उन्होंने कांग्रेस पर सिखों का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। दुबे ने दस्तावेज साझा कर ऑपरेशन ब्लू स्टार में ब्रिटिश सेना की मौजूदगी का दावा किया। उन्होंने करतारपुर साहिब को पाकिस्तान को सौंपने और सिख दंगों के आरोपियों को बचाने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोमवार को दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1984 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर पर ब्रिटेन के सहयोग से हमला किया था। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए सिख समुदाय का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया।
दुबे ने एक्स पर एक पोस्ट में उस समय के विदेश और राष्ट्रमंडल कार्यालय के निजी सचिव ब्रायन फाल द्वारा गृह सचिव के निजी सचिव ह्यू टेलर को लिखे गए पत्र को साझा किया। उन्होंने इस पत्र का इस्तेमाल यह साबित करने के लिए किया कि 1984 में आपरेशन ब्लू स्टार के समय ब्रिटिश सेना के अधिकारी अमृतसर में मौजूद थे।
बीजेपी सांसद ने लगाए गंभीर आरोप
दुबे ने लिखा- ”1984 में इंदिरा गांधी ने ब्रिटेन के सहयोग से जब स्वर्ण मंदिर पर हमला किया, तब ब्रिटिश सेना के अधिकारी अमृतसर में थे। कांग्रेस के लिए सिख समुदाय केवल एक खिलौना है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि करतारपुर साहिब को 1960 में सरदार स्वर्ण ¨सह द्वारा हस्ताक्षरित एक समझौते के माध्यम से पाकिस्तान को सौंपा गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रमुख सिख नेताओं को उच्च पदों पर रखा गया ताकि 1984 की घटनाओं को छिपाया जा सके। सिख दंगों में शामिल कांग्रेस नेताओं एचकेएल भगत, जगदीश टाइटल और सज्जन कुमार को बचाने के लिए मनमोहन सिंह को 2004 में एक कठपुतली प्रधानमंत्री बनाया गया। देश को बेचने और विदेशी के सामने आत्मसमर्पण करने की कहानी जारी है।
पंजाब की भूमि का कुछ हिस्सा पाकिस्तान को देने का आरोप
दुबे ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर भी पंजाब की भूमि का कुछ हिस्सा पाकिस्तान को देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है। दुबे की ये टिप्पणियां दुबे के रविवार को किए गए उस पोस्ट के एक दिन बाद आई हैं, जिसमें उन्होंने कांग्रेस सरकार पर 1960 में पाकिस्तान को ¨सधु नदी के पानी का 80 प्रतिशत हिस्सा और करतारपुर साहिब गुरुद्वारा देने का आरोप लगाया था।