Sunday, February 15, 2026
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बुद्ध की शिक्षाओं के आधार पर ही भारत नई पहल कर रहा है: पीएम मोदी

ग्लोबल बुद्धिज्म समिट-30 देशों के 180 डेलिगेट्स शामिल 

वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन में शामिल हुए पीएम, बोले-बुद्ध की शिक्षाएं वैश्विक समस्याओं का समाधान पेश करती हैं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने बुद्ध के विचारों का स्मरण किया। उन्होंने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया युद्ध, आर्थिक अस्थिरता, आतंकवाद, धार्मिक उग्रवाद और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से गुजर रही है, ऐसे में भगवान बुद्ध के विचार इन समस्याओं का समाधान पेश करते हैं।
वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह समय की मांग है कि लोग और राष्ट्र अपने हितों के साथ वैश्विक हितों को भी प्राथमिकता दें। दुनिया को गरीबों और संसाधनों की कमी वाले देशों के बारे में सोचना होगा। पीएम ने जोर देकर कहा कि भारत बुद्ध द्वारा दिखाए गए मार्ग का अनुसरण कर रहा है।
इस धरती की परंपरा है- अतिथि देवो भव यानी अतिथि हमारे लिए देवता के समान होते हैं लेकिन भगवान बुद्ध के विचारों को जीने वाले इतने व्यक्तित्व जब हमारे सामने हों तो साक्षात बुद्ध की उपस्थिति का एहसास होता है।
बुद्ध व्यक्ति से आगे बढ़कर एक बोध हैं। स्वरूप से आगे बढ़कर एक सोच हैं। चित्रण से आगे बढ़कर एक चेतना हैं और बुद्ध की ये चेतना चिरंतर है, निरंतर है। यह सोच शाश्वत है, ये बोध कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है।
अमृतकाल में भारत के पास अपने भविष्य के लिए बड़े लक्ष्य भी हैं और विश्व कल्याण के नए संकल्प भी हैं। भारत ने दुनिया में नई पहल की हैं और इसमें हमारी बहुत बड़ी प्रेरणा भगवान बुद्ध हैं।
हमें दुनिया को सुखी बनाना है तो स्व से निकलकर संसार, संकुचित सोच छोडऩा और समग्रता का बुद्ध मंत्र ही एकमात्र रास्ता है। आज ये समय की मांग है कि हर व्यक्ति की, हर देश की प्राथमिकता देशहित के साथ ही दुनिया का हित भी हो।
इस शिखर सम्मेलन में बौद्ध दर्शन और विचार की मदद से समकालीन चुनौतियों से निपटने के बारे में चर्चा होगी। यह वैश्विक शिखर सम्मेलन बौद्ध धर्म में भारत की प्रासंगिकता और उसके महत्व को रेखांकित करेगा, क्योंकि बौद्ध धर्म का जन्म भारत में ही हुआ था। इस दो-दिवसीय वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन का विषय ‘समकालीन चुनौतियों के प्रति प्रतिक्रिया दर्शन से अभ्यास तकÓ है।
इस सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रतिनिधि आज के प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे और बुद्ध के धम्म में इसके समाधान खोजेंगे। सम्मेलन के दौरान बुद्ध धम्म और शांति, बुद्ध धम्म पर्यावरणीय संकट, स्वास्थ्य और स्थिरता, नालंदा बौद्ध परंपरा का संरक्षण और बुद्ध धम्म तीर्थयात्रा, जीवंत विरासत और बुद्ध अवशेष, एवं दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और पूर्वी एशिया के देशों के साथ भारत के सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों का एक सुदृढ़ आधार आदि विषयों पर चर्चा की जाएगी।
बुद्ध के विचारों पर आगे बढ़ रहा है भारत
भारत ने इतने सारे क्षेत्रों में अपना पहला स्थान हासिल किया है और उसने भगवान बुद्ध से उसी के लिए महान प्रेरणा प्राप्त की है। पीएम ने कहा कि बुद्ध का मार्ग सिद्धांत, अभ्यास और अहसास है। पिछले 9 वर्षों में भारत इन तीनों ही बिन्दुओं पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। भूकंप की चपेट में आने के बाद तुर्किये सहित अन्य लोगों की मदद करने वाले देश का हवाला देते हुए पीएम ने कहा कि भारत ने हर इंसान के दर्द को अपना माना है।
वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन का विषय
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने बुद्ध के विचारों को प्रचारित करने और गुजरात में उनके जन्मस्थान और उनके लोकसभा क्षेत्र वाराणसी के साथ बौद्ध धर्म के गहरे संबंधों को उजागर करने का लगातार प्रयास किया है। शिखर सम्मेलन 20 और 21 अप्रैल को अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के सहयोग से संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जा रहा है। दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का विषय समकालीन चुनौतियों का जवाब अभ्यास के लिए दर्शन पर आधारित है।

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