इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (आईसीएसएसआर) द्वारा पोषित सेमिनार की अध्यक्षता भाषा विश्वविद्यालय में माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने की। कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य जी20 घोषणा और मेजबानी के बाद भारतीय युवाओं की भूमिका पर चर्चा करना और उन्हें ऊर्जावान बनाने के तरीकों पर जागरूक करने के साथ ही उभरते मुद्दों और चुनौतियों से लड़ने लिए सशक्त बनाना रहा।
राष्ट्रीय सेमिनार में मुख्य अतिथि रहीं लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलपित प्रो. मनुका खन्ना ने कहा कि जी20 कार्यक्रम की मेजबानी भारत के लिए अत्यंत गौरव की बात रही है। अब देश के युवाओं को तय करना है कि वह हमारे तय संकल्पों के हिसाब से स्वयं को तैयार करें जिससे देश वर्ष 2030 तक अपने सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल कर विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकें। उन्होंने छात्रों से कहा कि वह छोटे- छोटे प्रयासों से ही अपने लक्ष्यों को पाने में सफल हो सकेंगे। इसमें ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण जैसे प्रयास शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार विदेश से वापस लौटे युवाओं को कुशल और रोजगार में दक्ष बनाने के लिए फंड मुहैया करा रही है। ऐसे में हमारे युवाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का युवा विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थाओं में डिग्री के लिए नहीं बल्कि रोजगार के लिए आना चाहता है। इसिलए हमें उसे कौशल के मुताबिक काबिल बनाना होगा।
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी आगरा के ट्रैवल और टूरिज्म मैनेजमेंट विभाग में प्रोफेसर लवकुश मिश्रा ने कहा कि भारत युवाओं से भरपूर देश है और हमें इस शक्ति का इस्तेमाल सकारात्मक कार्यों और देश को आगे बढाने में करना होगा। उन्होंने कहा कि आज विश्व भारत की ओर एक अच्छे नजरिए से देख रहा है। जी20 की मेजबानी इसी का नतीजा है। उन्होंने कहा कि आज हमें विकासशील से विकसित देश बनने के लिए अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने का कार्य करना होगा। इसके लिए सबसे जरूरी है कि हम सतत विकास में मार्ग में अवरोध न पैदा करें। उन्होंने एक आंकडे के माध्यम से बताया कि अमेरिका 32 प्रतिशत लोग नौकरी पेशे में कार्य कर रहे हैं जबकि भारत में यह आंकड़ा 78 प्रतिशत का है। विशिष्ट वक्ता अलीगण मुस्लिम विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग में प्रोफेसर एसटी मुर्तजा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 युवाओं को कौशल और रोजगार से जोड़ने वाली है। जो कि जी20 के संकल्पों से मेल खाती है। उन्होंने कहा वर्तमान में हमें युवाओं को कौशलपरक शिक्षा देनी होगी जिससे वह आत्मनिर्भर बन सकें।
कुलपति प्रो. अजय तनेजा कहा कि भारत अपने युवाओं को जी 20 के लक्ष्यों को पूरा करने के तैयार कर रहा है। जो वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्यों को हासिल करने में अपनी अहम भूमिका निभाएगा। दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के अलग अलग सत्रों में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीरज शुक्ल ने किया। कुलसचिव महेश कुमार, डीन एकेडमिक प्रो. सौबान सईद, प्रो. चंदना डे, प्रो. तनवीर खदीजा, डॉ. राजकुमार सिंह, डॉ. राहुल मिश्रा, डॉ. ऊधम सिंह, डॉ. रुचिता चौधरी, डॉ. शचींद्र शेखर, डॉ. काजिम रिजवी, डॉ. लक्ष्मण सिंह व अन्य उपस्थित रहे।





