डाक्टर के साथ अभद्रता किए जाने से नाराज चिकित्सकों ने विरोध जताकर प्रशासन से आरोपियों पर कार्रवाई करने की उठाई मांग, सौंपा ज्ञापन
महोबा। अराजकतत्वों ने जिला अस्पताल में बीती रात नशे की हालत में मरीज को जबरन रेफर कि जाने को लेकर प्रभारी सीएमएस और स्टाफ के साथ अभद्रता कर दी। डाक्टर के साथ अभद्रता किए जाने से नाराज चिकित्सकों ने सोमवार को विरोध जताते हुए कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया। कार्य बहिष्कार की सूचना मिलते ही एसडीएम सदर मौके पर पहुंचे, जहां पर चिकित्सकों ने प्रशासन से आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाते हुए ज्ञापन सौंपा। अधिकारी के आश्वसन दिए जाने के चार घंटे बाद डाक्टर अपने कार्य पर लौटे।
रविवार की रात कुछ अराजकतत्व शराब के नशे में जिला अस्पताल के वार्ड में घुस आए। उन्होंने वहां मौजूद नर्स, वार्डबॉय और अन्य स्टाफ के साथ अभद्रता की। आरोप है कि ये लोग एक मरीज को जबरन रेफर कराने का दबाव बना रहे थे और स्टाफ के साथ गाली गलौज भी की। हंगामा बढ़ता देख प्रभारी सीएमएस डॉ. राजेश भट्ट मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। डॉ. भट्ट ने बताया कि अराजकतत्वों ने उनके साथ भी अभद्रता करते हुए गाली गलौज और उनका मोबाइल छीनने की कोशिश की।
उन्होंने सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ करने और स्टाफ के साथ मारपीट पर उतारू होने का भी आरोप लगाया। पुलिस के आने की सूचना मिलते ही आरोपी मौके से फरार हो गए। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सोमवार को इस घटना के विरोध में पीएमएस एसोसिएशन के बैनर तले डॉक्टरों और समस्त स्टाफ ने प्रदर्शन करते हुए कार्य बहिष्कार किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. योगेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि मरीज को कब रेफर करना है, यह डॉक्टर तय करेगा, कोई बाहरी व्यक्ति नहीं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर ले जाया जाएगा। डॉक्टरों के इस प्रदर्शन के कारण अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीज और उनके तीमारदार खासे परेशान नजर आए। मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम सदर शिवध्यान पांडे जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने नाराज डॉक्टरों को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद ही डाक्टरों एक ज्ञापन देते हुए काम पर लौटने का निर्णय लिया। इम्पोर्टेन्ट खबर फोटो सहित लगाने का कष्ट करें।





