Sunday, August 31, 2025
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1.18 करोड़ रुपये की अवैध ऑक्सीटोसिन जब्त, 3 गिरफ्तार

काकोरी लखनऊ। काकोरी में उत्तर प्रदेश एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है. उन्होंने अवैध ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मोहान रोड, शिवरी, थाना काकोरी क्षेत्र से की गई।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से लगभग 5,87,880 एमएल प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद हुआ है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 1.18 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मौके से कुल 17 बोरी और 7 कार्टून अवैध ऑक्सीटोसिन, तीन मोबाइल फोन, एक छोटा हाथी डाला वाहन, और नमक भी जब्त किया गया है।

एसटीएफ द्वारा पकड़े गए अभियुक्तों में शामिल हैं:
अनमोल पाल, निवासी मायापुरम, लखनऊ
अवधेश पाल, निवासी बुद्धेश्वर मॉडल सिटी, लखनऊ
खगेश्वर पुत्र सुकई, निवासी बसंत सिंह पुरवा, सीतापुर

पूछताछ में उजागर हुआ गिरोह का नेटवर्क:

एसटीएफ द्वारा की गई पूछताछ में अभियुक्तों ने खुलासा किया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जो लखनऊ और आस-पास के जिलों में अवैध रूप से ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की आपूर्ति करता है। वे बिहार राज्य से हाई डेन्सिटी ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन को “मिनरल वाटर” बताकर पार्सल के माध्यम से मंगवाते हैं. इसके बाद, वे अपनी जरूरत के अनुसार अलग-अलग साइज के एम्प्यूल में इसे पैक करते हैं और फिर सप्लाई करते हैं. इस अपराध का मुख्य उद्देश्य प्रतिबंधित दवा बेचकर पैसा कमाना था।

क्या होता है ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन?

यह इंजेक्शन मुख्य रूप से दूध निकालने के लिए पशुओं पर इस्तेमाल किया जाता है, और सब्जियों व फलों को कृत्रिम रूप से जल्दी पकाने और बड़ा दिखाने के लिए भी इसका उपयोग होता है। यह न सिर्फ पशुओं के स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकता है।

मुख्य सप्लायर की तलाश में एसटीएफ:

एसटीएफ अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। विशेष रूप से बिहार से इस प्रतिबंधित इंजेक्शन की सप्लाई करने वाले मुख्य स्रोत की जानकारी जुटाई जा रही है। टीम जल्द ही मुख्य सप्लायर और अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी करेगी।

इस कार्रवाई को एसटीएफ की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इससे एक बड़े और खतरनाक तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो आम जनता और पशु स्वास्थ्य दोनों के लिए एक गंभीर खतरा था।

इस सफल अभियान में शामिल टीम में शामिल थे:

  • दिलीप कुमार तिवारी, निरीक्षक, एसटीएफ
  • श्री कमलेश कुमार, अतिरिक्त निरीक्षक, काकोरी
  • उप-निरीक्षक विनोद कुमार सिंह, एसटीएफ
  • उप-निरीक्षक मनीष कुमार सिंह, काकोरी
  • उप-निरीक्षक अशोक कुमार गुप्ता, एसटीएफ
  • उप-निरीक्षक अंशुमान कुमार, काकोरी
  • हेड कांस्टेबल राजेश मौर्या, एसटीएफ
  • हेड कांस्टेबल दयानंद तिवारी, काकोरी
  • हेड कांस्टेबल रुद्र नारायण, एसटीएफ
  • कांस्टेबल विवेक कुमार, काकोरी
  • हेड कांस्टेबल विजय वर्मा, एसटीएफ
  • हेड कांस्टेबल कौशलेन्द्र प्रताप सिंह, एसटीएफ
  • चालक विष्णु कुमार सिंह, एसटीएफ
  • औषधि निरीक्षक विवेक कुमार सिंह, औषधि विभाग
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