शहर के मौहल्ला नूरियो सराय स्थित इमाम बारगाह सगीर हसन में मजलिस बरपा की गयी जिसकी शुरुआत मर्सियाख्वानी से की गयी बाद मर्सियाख्वानी के हसन मौहम्मद ने खिताब करते हुए कहा कि अल्लाह के रसूल ने कहा था हुसैन मुझसे है और मैं हुसैन से जिसने हुसैन को सताया उसने मुझे सताया लेकिन कर्बला के मैदान में रसूल के पैगाम को भुला दिया और इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम को बेदर्दी के साथ कत्ल कर दिया गया इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के साथ बहत्तर लोगों को तीन दिन का भूखा प्यासा क़त्ल कर के इनके सरो को बदनो से जुदा कर दिया गया लाशो पर घोड़े दौड़ाए गये अल्लाह के प्यारे नबी का प्यार नवासे का बदन घोड़ों की टापो से चकनाचूर हो गए हसन मौहम्मद ने बताया कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने हंक और सच्चाई के लिए अपने समेत बहत्तर साथियों की कूरबानी दें कर बचाया इस लिए हमे भी इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के संदेश पर अमल करना चाहिए मजलिस के बाद अलम बरामद किए गए मातमी माहौल में नोहा ख्वानी करते हुए अजांदार इमाम बारगाह फरमान हुसैन में पहुंचे जहां मातम किया गया शाहिद अरशद हसन शाह आलम ने नौहे पढ़ें साजिद हुसैन इमरान पैकर संभली शाने अब्बास कायम नकवी सलीम मेहंदी कम्बर अब्बास जफर अली शानू तंजीम हसन आदि मौजूद रहे इमाम बारगाह हाजी अजहर सरवर हुसैन आदि में मजलिसे बरपा की गयी जिसमें अजांदारो ने शिरकत की.





