Monday, March 23, 2026
spot_img
HomeMarqueeमंदिरों में चैत्र नवरात्र पर श्रद्धांलुओं की भारी भीड़, भक्त कर रहे...

मंदिरों में चैत्र नवरात्र पर श्रद्धांलुओं की भारी भीड़, भक्त कर रहे माता की पूजा-अर्चना

नवरात्र पर्व के तीसरे दिन भक्तों ने की देवी चंद्रघंटा की पूजा

महोबा। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को सुबह पांच बजे से ही देवी मंदिरों में पूजा अर्चना करने के लिए मां के भक्त पहुंच गए। सुबह शाम मंदिरों में मां दुर्गा के जयकारे सुनाई देते रहे और महिला भक्तों द्वारा गाए जाने वाले मां के भजनों ने शहर का माहौल भक्ति मय बना दिया। नवरात्र के तीसरे दिन मंदिरों व घरों में मां चंद्रघंटा से संबंधित कथा का भी बखान किया। महिलाओं ने कथा का श्रवण करने के साथ साथ पूजा अर्चना कर अपने परिवार की सुख शांति के लिए प्रार्थनाएं भी की।

नवरात्र पर्व के तीसरे दिन भक्तों ने देवी चंद्रघंटा की साधना की गई। देवी भक्तों ने सबसे पहले स्नान किया और इसके बाद श्रद्धा पूर्वक देवी मंदिरों की तरफ रवाना हुई और देवी प्रतिमा के समक्ष घी के दीपक जलाए, इसके बाद कलश में गंगा जल मिला कर कलश में दूर्वा, सुपारी, सिक्का केसर चावल बेलपत्र डालें और मां को पीले फूल चढ़ाएं। दूध, दही, शहद, गुड़ घी का पंचामृत भी चढ़ाया। देवी भक्तों ने लाल अनार, गुड़ या गुलाब जामुन का भोग लगाए साथ ही दक्षिणा चढ़ाई। पूजा अर्चना करने के लिए महिलाएं झुंड बनाकर शहर के देवी मंदिरों में पहुंची, जिसके चलते मंदिरों में खासी भीड़ नजर आई।

श्री उमंगेश्वर ज्योतिर्लिंग शिवालय के मुख्य पुजारी शिव किशोर पांडेय ने बताया कि चैत्र नवरात्र पर्व में शनिवार को मां पार्वती के तृतीय रूप देवी चंद्रघंटा की श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा अर्चना की गई। शास्त्रों के अनुसार मां चंद्रघंटा का हिंदू धर्म में अधिक महत्व प्राप्त है। इनकी साधना से जहां एक तरफ मन को शांति प्राप्त होती है, तो वहीं दूसरी ओर इस खास अवसर पर इनकी साधना से भक्त का मन मणिपूर चक्र में प्रविष्ट होता है।

मां चंद्रघंटा का रूप की बात करें तो मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चंद्र है, इसीलिए इस देवी को चंद्रघंटा कहा गया है। मां चन्द्रघंटा अपने प्रिय वाहन सिंह पर सवार रहती हैं और अपने दस हाथों में ढाल, गदा, पाश, त्रिशूल, खड्ग, तलवार, चक्र, धनुष के साथ तरकश लिए हैं। मां चंद्रघंटा की पूजा करने से मनुष्य के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और जन्म जन्मी का डर खत्म हो जाता है और वह निर्भय बन जाता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular