अवधनामा संवाददाता
बाराबंकी। आज शाम अचानक घिर आये बादल जमकर बरसे साथ ही ओले भी गिरे। तेज बारिश और ओलावृष्टि ने आलू किसानों की चिंता फिर बढ़ा दी है। वहीं कुछ देर की बारिश में शहर में दर्जनों जगह पर जलभराव हो गया।
दोपहर तक सामान्य रहने के बाद दोपहर में आसमान पर अचानक बादल घिर आये और कुछ ही देर में तेज बारिश शुरू हो गई। अचानक हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश से किसानों का आलू भीग रहा है। कोल्ड स्टोर के बाहर ट्रैक्टर-ट्राली पर आलू लादकर खड़े किसान आलू भीगने से परेशान हैं। वहीं खेतों में लगे आलू के ढेर भी इस बारिश में भीग गए हैं। बाराबंकी जनपद में शुक्रवार सुबह हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ग्रामीण अंचल में बारिश से फसल प्रभावित हुई है। बारिश के कारण गांवों के तमाम किसानों की सरसों और आलू की फसल पर प्रभाव पड़ा है।
बाराबंकी -बेमौसम अतिवृष्टि व ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलें 90% से ज्यादा नष्ट हो गई हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी प्रदेश सरकार से मांग करती है कि 10 दिन के अंदर हुए नुकसान का आकलन कराकर किसानों को मुआवजा दिया जाए किसान समुदाय अत्याधिक संकट में है। यह मांग भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य परिषद सदस्य रणधीर सिंह सुमन ने बताया कि गेहूं, आलू ,सरसों, मटर, मसूर, आदि फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई है। तथा उत्तर प्रदेश का उत्तर प्रदेश का मुख्य फल आम के बागान बुरी तरीके से क्षतिग्रस्त हुए हैं उनको भी तुरंत मुआवजा दिया जाए। वैसे यह सरकार किसान विरोधी सरकार है और किसी ना किसी बहाने किसानों को मदद करने में असमर्थता की बात करेगी।





