मौसम बदलने पर बच्चों को होने वाली बीमारियों और उनके बचाव की दी गई जानकारी
महोबा। जिलाधिकारी गजल भारद्वाज के निर्देश पर ग्रामीण अंचलों में संचालित विद्यालयों व आंगनबाडी केंद्रों के बच्चों के स्वास्थ्य को बेतहर रखने के उद्देश्य से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। इसी क्रम में विकासखंड जैतपुर के महुआबांध और रगौलिया बुजुर्ग के आंगनबाडी केंद्रों पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्वास्थ्य टीमों ने 125 बच्चों का चेकअप किया साथ ही मौसम बदलने पर बच्चों को होने वाली बीमारियों और उनके बचाव की जानकारी दी।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. अम्बुज गुप्ता के आदेश पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. पीके सिंह की देखरेख में आरबीएसके टीमों ने आंगनबाड़ी महुआबांध और रगौलिया में पहुंचकर स्वास्थ्य शिविर लगाया। टीमों ने सर्वप्रथम बच्चों का पंजीयन किया और उसके बाद एक एक कर बच्चों का चेकअप किया। प्रथम टीम ने महुआबांध में 67 और रगौलिया में 58 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यकतानुसार निशुल्क दवाएं दी गई।
शिविर के मौके पर डॉ. आकांक्षा सोनी ने कहा कि मौसम जब करवट बदलता है, तो सबसे पहले असर बच्चों की सेहत पर दिखाई देता है। कहा कि सुबह ठंडी हवा, दोपहर में हल्की गर्मी और शाम को फिर ठंडक यह बदलाव बच्चों के नाजुक शरीर को जल्दी थका देता और रोग प्रतिरोधक क्षमता थोड़ी कमजोर हो जाती है, जिससे सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी और गले की परेशानी बढ़ सकती है। इससे बचाव के लिए बच्चों को पर्याप्त पानी, तरल पदार्थ दें, धूप से बचाएं, सादा भोजन कराएं और साफ सफाई रखें। इस दौरान डॉ. अमित गंगेले, एफएचडब्ल्यू संगीता व आंगनबाड़ी कार्यकत्री ऊषा और संगीता सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।





