Wednesday, March 4, 2026
spot_img
HomeMarqueeराष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

शिविर में 115 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर स्वास्थ्य विभाग टीम ने स्वास्थ्य संबन्धी दी सलाह, निशुल्क दवाएं की गई वितरित

महोबा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आशाराम के निर्देशन पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. अंबुज गुप्ता व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतपुर के अधीक्षक डॉ. पवन राजपूत की देखरेख में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत भघारी गांव के कंपोजित विद्यालय व आंगनबाडत्री केंद्र में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 115 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करते हुए स्वास्थ्य संबन्धी सलाह व दवाएं निशुल्क वितरित की गई। इस मौके पर चिकित्सकों ने सर्दी से होने वाली बीमारियों और बचाव की जानकारी दी।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कंपोजिट विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग की टीम ए ने 68 बच्चों का पंजीयन करते हुए उनकी सतह को जांचा। वहीं आंगनबाड़ी में टीम बी ने 47 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। स्वास्थ्य शिविर में कुल 115 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य टीम ने सभी बच्चों को एक एक कर बुलाया और पंजीयन के बाद उनसे स्वास्थ्य संबन्धी जानकारी हासिल का चेकअप किया और इसके बाद उन्हें आवश्यकतानुसार दवाएं दी। शिविर की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने अपने अपने बच्चों को शिविर में पहुंचाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण करवाया, जिससे शिविर में खासी भीड़ नजर आई। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान बच्चों की दृष्टि, दांत, कान, त्वचा, पोषण स्तर और सामान्य बीमारियों की जांच की गई।

स्वास्थ्य टीम की चिकित्सका डॉ. आकांक्षा सोनी ने बच्चों को सर्दी के मौसम में होने वाली बीमारियोंj की जानकारी देते हुए बताया कि इस मौसम में जुकाम, फ्लू, निमोनिया और त्वचा की समस्याएं हैं। कहा कि बच्चों को सर्दियों में बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं और उन्हें अंदर और बाहर दोनों जगह सुरक्षित रखें। घर में पर्याप्त तापमान बनाए रखें, हीटर का उपयोग सावधानी से करें और ह्यूमिडिफ़ायर का उपयोग करके हवा में नमी बनाए रखें। बच्चों को संतुलित आहार खिलाएं और तरल पदार्थ पर्याप्त मात्रा में दें। डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को कोई दवा न दें और यदि लक्षण बिगड़ें तो डॉक्टर से संपर्क करें। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य रामप्रकाश, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुष्पा, डॉ. पीएन शर्मा, डॉ. अमित गंगेले, तथा एफएचडब्ल्यू संगीता सहत तमाम स्वास्थ्य के लोग उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular