रोज़गार तालीम सेहत की ज़्यादा ज़रूरत:मौलाना हैदर अब्बास उतरौला(बलरामपुर)अमया देवरिया स्थित क़ाज़ी डीह में हसन रज़ा (डिप्टी साहब) के चालीसवें की मजलिस का आयोजन उनके पुत्रों द्वारा उनके ही आवास पर किया गया जिसे राजधानी लखनऊ से आये हुए प्रसिद्ध इस्लामिक स्कॉलर मौलाना हैदर अब्बास साहब क़िब्ला ने सम्बोधित किया।
अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि हज़रत अली ने इरशाद फ़रमाया कि हमें अपनी ज़िन्दगी इस तरह गुज़ारनी चाहिए कि जब तक हम ज़िन्दा रहें लोग हमसे मिलने की तमन्ना करें और जब हम इस दुनिया से चले जाएँ तो लोग हमें याद करके आंसू बहाएं
मौलाना ने सरकार को एक मशवेरा देते हुए कहा कि अगर आपको हमें सौग़ात देना ही है तो रोज़गार तालीम और सेहत जैसी बुनियादी ज़रूरतों पर ज़्यादा से ज़्यादा काम कीजिये।
सऊदी अरब के मदीना शहर में एक सऊदी शासको ने 100 साल पहले पैगंबर मोहम्मद के साथियो और उनके बच्चों की कब्र पर बना गुम्बद गिरा दिया था।
जिसका विरोध आज पूरी दुनिया में है।
मौलाना हैदर अब्बास ने कहा कि अगर कल रौज़ा बन गया तो भी हम 8 शव्वाल को विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे ताकि हमारे बच्चों को इस क्रूरता के बारे में पता चले.
मजलिस से पूर्व इरफ़ान हैदर, रमज़ान अली,हैदर हल्लौरी,शुजा उतरौलवी,कायनात हल्लौरी,मीसम उतरौलवी,लकी हल्लौरी और सदाक़त उतरौलवी ने अपना कलाम पेश किया कार्यक्रम का संचालन इमरान उतरौलवी ने किया।
इस अवसर पर मौलाना शमशाद हुसैन नार्वे,मौलाना जमाल हैदर,मौलाना ज़ायर अब्बास,मौलाना सिब्ते हैदर,मौलाना मुहम्मद अली,मौलाना महताब आलम मौजूद रहे।