डुमरियागंज सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर जिले के हल्लौर कस्बे के लोग ईरान इज़रायल के बीच चल रहे युद्ध के चलते खासे परेशान है। परेशानी की वजह हल्लौर के 19 लोग ईरान गये थे। इनमे से 2 लोग 10 जून को वापस आ गये उसके बाद युद्ध शुरू हो गया। आवागमन के लिए फ्लाइट्स बंद कर दी गई जिससे 17 लोग वंहा से अपने वतन वापस नहीं आ सके है अब टीवी में वंहा के हालात की लगातार चल रही खबरों को देखकर उनके परिजन उनकी सलामती की दुआ कर रहे है साथ ही भारत सरकार से अपील कर रहे है कि उनके बच्चों को सुरक्षित वापस लाने का इंतज़ाम करें। बात करें 19 लोगो की तो 10 लोग ईरान जियारत के लिए गये शेष 9 लोग वंहा उच्च धार्मिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए गये थे इनमे से 2 लोग युद्ध शुरू होने के पहले भारत वापस आ गये शेष 17 लोग अभी ईरान में फंसे हुए है जिनकी सलामती के लिए परिजन खासे चिंतित है इनके परिजनों से बात की तो उन्होंने बताया कि अभी जिस जगह पर वह लोग रह रहे है वंहा कोई अटैक नहीं हुआ है न ही कोई सायरन बजा है लेकिन पता नहीं कब क्या हो जाय इसीलिए हम भारत सरकार से अपील करते है कि इस युद्ध को रोकने में मध्यस्थता करें जिससे अमन शान्ति कायम हो साथ ही हमारे लोगो की सुरक्षित वतन वापसी का इंतजाम करें जिससे वह वतन वापस आ सके। ईरान में धार्मिक उच्च शिक्षा प्राप्त करने गये आदिल अब्बास, फ़िज़ा फातिमा, महफूज हैदर रिजवी, फरहीन फातिमा, नजर अब्बास, सानम फातिमा, तराना फातिमा, शीरीन जहरा, गुलाम मेंहदी, धार्मिक उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वंहा गये थे इनमे से महफूज़ हैदर रिजवी बीते 10 जून को वंहा से वापस आये लेकिन उनकी पत्नी फरहीन फातिमा को नहीं लाये जिससे वह वही फंस गई यंहा से जियारत करने के लिए गये 3 परिवारों के 10 लोग फ्लाइट्स बंद होने से वंहा फंस गये है. इनके नाम जवाद हैदर, मंतशा रिजवी, बेटा कुलूशुम व इब्राहीम व दूसरा परिवार हसन न्यूटन, सानिया व इनके 2 बच्चे हुसैन व हादी व तीसरा परिवार के 2 लोग खुशतर अब्बास, नसरीन फातिमा फ्लाइट्स न चलने से वही फंसे हुए है जिससे उनके परिजन यंहा उनके लिए फ़िक्रमंद है और उनकी सलामती की दुआ कर रहे है।





