अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि ईरानी वार्ताकार समझौते के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं।
मिडिल ईस्ट जंग का आज 27वां दिन है। इस बीच गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरानी वार्ताकार समझौते के लिए विनती कर रहे हैं, और उन्होंने चेतावनी दी है कि समय तेजी से बीत रहा है।
ट्रुथ सोशल पर एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी वार्ताकार अमेरिका के साथ समझौते के लिए भीख मांग रहे हैं, जबकि सार्वजनिक रूप से वे कह रहे हैं कि वे केवल अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं।

ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने ईरानी पक्ष को बहुत अलग और अजीब बताया है। उन्होंने कहा कि ईरान सैन्य क्षमता पूरी तरह से खत्म हो हो चुकी है और उसके पुनरुत्थान की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान को जल्द ही सीरियस हो जाना चाहिए। अगर यह मौका हाथ से निकल गया तो पीछे मुड़ने का कोई रास्ता नहीं होगा।’
क्या हैं ईरान की पांच शर्ते?
ईरान ने अमेरिका के सामने पांच शर्तें रखी हैं और उसका कहना है कि मिडिल ईस्ट में छिड़ा युद्ध अमेरिका की शर्तों पर नहीं, बल्कि ईरान की शर्तों पर ही समाप्त होगा।
- हमले और हत्या की घटनाएं बंद हों।
- सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म हो।
- दोबारा युद्ध ना हो, ठोस तंत्र बने।
- युद्ध नुकसान की भरपाई, मुआवजा तय हो।
- होर्मुज जलडमरूमध्य पर अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिले।
ट्रंप क्या चाहते हैं?
वहीं अमेरिका ने भी युद्ध को खत्म करने के लिए एक विस्तृत 15 शर्तों के साथ एक प्रस्ताव रखा। हालांकि, ईरान ने ट्रंप का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष ने न केवल दोनों देशों को भारी नुकसान पहुंचाया है, बल्कि वैश्विक बाजारों और ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर असर डाला है। आइए जानते हैं अमेरिका ने ईरान के सामने किन 15 शर्तों को रखा है।
ट्रंप की 15 शर्ते
- 30 दिनों का युद्धविराम
- नतान्ज, इस्फहान और फोर्डो में ईरान की परमाणु सुविधाओं को नष्ट करना
- भविष्य में कभी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा।
- ईरान की ओर से परमाणु हथियार विकसित न करने की स्थायी प्रतिबद्धता
- संवर्धित यूरेनियम के भंडार को अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को सौंपना
- ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे की IAEA द्वारा पूर्ण निगरानी और देश के भीतर यूरेनियम संवर्धन पर रोक
- क्षेत्रीय प्रॉक्सी के लिए ईरान का समर्थन समाप्त करना
- क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर ईरान के हमलों को रोकना
- होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना
- ईरान पर अमेरिका के प्रतिबंधों को हटाना और संयुक्त राष्ट्र के ‘स्नैपबैक’ तंत्र को समाप्त करना
- ईरान के बुशेहर परमाणु संयंत्र में बिजली उत्पादन के लिए अमेरिका का समर्थन
- ईरान को घरेलू स्तर पर यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) रोकने के लिए कहा गया है।
- ईरान की मिसाइलों की संख्या और उनकी रेंज सीमित करने की मांग की है।
- बिजली उत्पादन के लिए सहयोग देने की भी पेशकश की है।
- संयुक्त राष्ट्र के ‘स्नैपबैक मैकेनिज्म’ को समाप्त करने का वादा किया गया





