राहुल गांधी ने एआइ समिट को अव्यवस्थित पीआर तमाशा बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चीनी उत्पादों का प्रदर्शन हो रहा है और भारतीय डेटा बिक्री के लिए है, जिससे देश की छवि को नुकसान पहुंचा है। भाजपा ने पलटवार करते हुए राहुल पर भारत की वैश्विक छवि धूमिल करने का आरोप लगाया। यह बयान गलगोटिया विश्वविद्यालय विवाद के बाद आया है।
गलगोटिया विश्वविद्यालय की करतूत के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एआइ समिट को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने बुधवार को आरोप लगाया कि एआइ शिखर सम्मेलन अव्यवस्थित तरीके से पीआर का तमाशा बन गया है।
चीनी उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिससे देश की छवि को अपूरणीय नुकसान पहुंचा है। उनके इस आरोप पर भाजपा ने पलटवार किया और कहा कि जिस किसी के पास पर्याप्त समझ नहीं है, उसे एआइ जैसे विषयों पर इंटरनेट मीडिया पर रेडीमेड पोस्ट नहीं करना चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता का आरोप
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जब भी भारत को विश्व मंच पर अग्रणी भूमिका निभाते और उसके प्रयासों की सराहना होते देखते हैं तो हमेशा देश की छवि धूमिल करने की कोशिश करते हैं। भाजपा मुख्यालय में प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान भाटिया ने राहुल के आरोप पर कहा, ‘जब एआइ की बात आती है तो जिनके पास बुद्धिमत्ता न हो, उन्हें रेडीमेड पोस्ट नहीं करने चाहिए।’
इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता का यह बयान उन विवादों के बीच आया, जिसमें कथित रूप से गलगोटिया विश्वविद्यालय की तरफ से एआइ समिट एक्सपो में चीन के रोबोटिक कुत्ते को अपना बताकर पेश किया गया। इस कारण उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
राहुल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘भारत की प्रतिभा और डाटा का उपयोग करने के बजाय एआइ शिखर सम्मेलन अव्यवस्थित तरीके से पीआर का तमाशा बन गया है। भारतीय डाटा बिक्री के लिए उपलब्ध है और चीनी उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।’
प्रियंका चतुर्वेदी ने दी प्रतिक्रिया
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने एआइ के मामले में भारत को दुनिया में मजाक बना दिया है। इधर, शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने गलगोटिया मामले में कहा कि इससे देश की छवि को नुकसान पहुंचा है और यह शर्म की बात है। विश्वसनीय जांच के जरिये इस तरह के विवाद से बचा जा सकता था।





