मौदहा (हमीरपुर)। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन यह व्यवस्था अब सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि कई शिक्षक ड्यूटी के नाम पर स्कूल में हाजिरी दर्ज कराकर कोटा जाने की बात कह निकल जाते हैं और फिर मौके से गायब होकर ‘मौज’ करते हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर उचित दर की दुकानों पर परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की तैनाती की गई है, ताकि वितरण कार्य की निगरानी सुनिश्चित हो सके। लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। कस्बे के एक उचित दर विक्रेता की दुकान पर तैनात शिक्षक कुछ समय के लिए तो पहुंचे, लेकिन उसके बाद ड्यूटी से नदारद हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की बात नहीं, बल्कि क्षेत्र में अक्सर ऐसी लापरवाही देखने को मिलती है। इससे न केवल वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि सरकारी आदेशों की भी खुली अवहेलना हो रही है।
इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। खंड शिक्षा अधिकारी सुशील कुमार कमल ने बताया कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है कि संबंधित शिक्षक की ड्यूटी उक्त कार्य में लगाई गई थी या नहीं। उन्होंने कहा कि कार्यालय से जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मामले के उजागर होने के बाद अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई की जाती है या फिर व्यवस्था यूं ही ‘कागजों’ में चलती रहेगी।





