Sunday, April 12, 2026
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रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए शुरू हुआ फ्री सफर, बस स्टैंडों पर भीड़

राजस्थान में रक्षाबंधन का पर्व सोमवार को धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से रक्षाबंधन पर महिलाओं और बालिकाओं के लिए राजस्थान रोडवेज बसों में फ्री यात्रा के आदेश जारी किए गए हैं। रक्षाबंधन पर प्रदेश की सीमाओं में कहीं भी महिलाएं निशुल्क यात्रा कर सकेंगी। एक दिन के लिए नि:शुल्क सुविधा रहेगी। आज रात 12 बजे से महिलाएं फ्री यात्रा कर रही है। महिलाएं अपने भाईयों के घर जा रही है। ऐसे में आज रात से ही बस स्टैंडों व रेलवे स्टेशन पर महिला यात्रियों की भीड़ देखने को मिल रही है।

रक्षाबंधन के दिन बालिकाओं और महिलाओं को राजस्थान राज्य की सीमा में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई है। राेडवेज को निशुल्क बस सुविधा के व्यय का पुनर्भरण राज्य सरकार की ओर से निःशुल्क यात्रा पुनर्भरण मद में उपलब्ध प्रावधान में से किया जाएगा। राजस्थान से बाहर जाने के लिए टिकट चार्ज देना पड़ेगा। रक्षाबंधन के अवसर पर रोडवेज की बसों में ज्यादा भीड़ रहती है। सिंधी कैंप बस स्टैंड पर रोडवेज प्रशासन की ओर से महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई है, ताकि महिलाओं को लाइन में खड़े रहकर परेशान नहीं होना पड़े। रोडवेज बसों में बिठाने के लिए अलग से कर्मचारी लगाए गए हैं, ताकि सुव्यवस्थित तरीके से महिला यात्रियों को बसों में बिठाया जा सके। रक्षाबंधन के दिन परिचालक बालिकाओं को नि:शुल्क यात्रा टिकट जारी करेंगे। परिचालकों की ओर से एक दिन के लिए नि:शुल्क यात्रा के लिए टिकट जारी किए जाएंगे।

निजी बस संचालकों ने रक्षाबंधन के दिन चक्का जाम का ऐलान किया है। निजी बस आपरेटर एसोसिएशन की ओर से शनिवार को चक्का जाम करने का ऐलान किया गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण साहू के मुताबिक विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश भर में रक्षाबंधन पर निजी बसों का संचालन बंद रहेगा। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी दिया गया है, जिसमें आठ मांगें रखी गई हैं। निजी बस संचालको की मांगें हैं कि सभी श्रेणी की बसों से स्पेशल परमिट का राइडर हटाया जाए। स्लीपर कोच और ऑल राजस्थान टूरिस्ट बसो का टैक्स मध्य प्रदेश राज्य के समान किया जाए। ओवर हैंग के चालानों को खारिज किया जाए। जब्त की गई बसों को छोडा जाएं। ग्रामीण सेवा की बसों को टैक्स फ्री किया जाएं। ऑनलाइन परमिट की ऑडिट समाप्त की जाएं। लोक परिवहन सेवा के टैक्स में स्लेप बनाई जाएं। अलवर और भरतपुर को एनसीआर क्षेत्र से बाहर किया जाएं।

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