ईरान युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में भारत के कृषि निर्यात पर संकट गहरा गया है। लगभग 12 अरब डॉलर के कृषि उत्पाद, जिनमें चावल, मांस, फल और सब्जियां शामिल हैं, रास्ते से वापस लौट रहे हैं। इससे निर्यातकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उत्पाद खराब होने का खतरा है। भारत अब वैकल्पिक बाजारों की तलाश में है।
ईरान युद्ध की वजह से कई कृषि उत्पाद निर्यात के बीच रास्ते से लौट रहे हैं जिससे कृषि निर्यात पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कृषि व अन्य खाद्य उत्पाद निश्चित अवधि में खपत नहीं होने पर खराब हो जाते हैं जिससे निर्यातकों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
पश्चिम एशिया में भारत सालाना 12 अरब डॉलर के कृषि व अन्य खाद्य उत्पादों का निर्यात करता है। इनमें मुख्य रूप से चावल, मांस, फल-सब्जी, डेरी आइटम, झींगा, प्रोसेस्ड फूड से जुड़े बिस्कुट, ब्रेड जैसे कई उत्पाद शामिल हैं। कृषि निर्यात में गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा जैसे राज्यों की प्रमुख हिस्सेदारी है।
उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक मांस का निर्यात
हरियाणा से बासमती चावल तो उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक मांस का निर्यात किया जाता है। निर्यातकों ने बताया कि पश्चिम एशिया के देश यूरोप व अमेरिका के मुकाबले नजदीक हैं और इन इलाकों में प्रवासी भारतीय बड़ी संख्या में रहने के कारण भारतीय खाद्य वस्तुओं की भारी मांग है। युद्ध शुरू होने के बाद उनके उत्पाद रास्ते में फंसे हैं और वे माल को वापस मंगाने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
दक्षिण भारत के कुछ बंदरगाहों पर खाद्य उत्पाद के बीच रास्ते से वापस लौटने की खबर आने लगी है। पश्चिम एशिया पर 20 प्रतिशत कृषि निर्यात की निर्भरता से युद्ध जारी रहने पर निर्यातकों को अन्य वैकल्पिक बाजार खोजना पड़ सकता है और इस दिशा में उन्होंने प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। विदेश व्यापार महानिदेशालय की तरफ से भी इस दिशा में मदद की जा रही है।
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव की रिपोर्ट के मुताबिक, विभिन्न प्रकार का मांस, नारियल, बीयर, केला, विभिन्न प्रकार के मसाले, बटर-घी, साफ्ट ड्रिंक व बेवरेज का निर्यात सबसे अधिक प्रभावित होने की आशंका है।
खास बातें
- 80 प्रतिशत केला निर्यात खाड़ी देशों को होता है
- पिछले साल अनाज, फल, सब्जी व मसाले का इस क्षेत्र को 7.48 अरब डॉलर का निर्यात किया गया
- पश्चिम एशिया में चावल का निर्यात चार अरब डॉलर से अधिक का है।
- भारत से मांस का 99 प्रतिशत निर्यात पश्चिम एशिया को किया जाता है
- 58 प्रतिशत बटर तो 81 प्रतिशत बीयर का निर्यात पश्चिम एशिया को होता है





