Thursday, March 26, 2026
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नौ सालों में यूपी में तीन गुना बढ़ी महिला श्रम शक्ति: सीएम योगी

2017 के पहले महिलाओं की सुरक्षा बड़ी चुनौती थी : सीएम योगी

बिना भय महिला का तेजी से कामकाजी होना समाज में सुरक्षा का मानक : सीएम योगी

एमएमएमयूटी में गर्ल्स हॉस्टल का भूमि पूजन व शिलान्यास किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

पॉवरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की सीएसआर फंड से होगा निर्माण, 13.67 करोड़ रुपये आएगी लागत

एमएमएमयूटी में साइबर फोरेंसिक रिसर्च लैब का भी उद्घाटन किया सीएम ने, वितरित किए रिसर्च एक्सीलेंस पुरस्कार

गोरखपुर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 2017 के बाद बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए सरकार की तरफ से किए गए प्रयासों से बीते नौ सालों में वुमेन वर्क फोर्स (महिला श्रम शक्ति) तीन गुना बढ़ी है। वुमेन वर्क फोर्स का आंकड़ा 12 से बढ़कर 36 प्रतिशत क्रॉस कर चुका है। वर्ष 2017 के पहले महिला सुरक्षा जहां एक बड़ी चुनौती थी तो वहीं अब बिना भय के महिला का तेजी से कामकाजी होना समाज में सुरक्षा का एक मानक बना है।

सीएम योगी बुधवार दोपहर बाद मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में 144 बेडेड गर्ल्स हॉस्टल (बालिका छात्रावास) के भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह गर्ल्स हॉस्टल, पॉवरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) फंड से बनवाया जाएगा। इसके निर्माण पर 13.67 करोड़ रुपये की लागत आएगी। गर्ल्स हॉस्टल का शिलान्यास करने के साथ ही मुख्यमंत्री ने एमएमएमयूटी में 4.67 करोड़ रुपये की लागत से बने साइबर फोरेंसिक रिसर्च लैब का उद्घाटन किया और रिसर्च एक्सीलेंस पुरस्कार भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने एक पुस्तिका का भी अनावरण किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेटी सुरक्षित हो, उसका सम्मान हो और वह स्वावलंबन के पथ पर अग्रसर होकर के नए भारत के निर्माण में अपनी भूमिका का निर्वहन प्रभावी ढंग से कर सके, इस दृष्टि से उसी प्रकार की सुविधा देना आज की आवश्यकता है। इसे ही ध्यान में रखकर प्रदेश सरकार हर बड़े महानगर में कामकाजी महिलाओं के लिए श्रमजीवी महिला छात्रावास का निर्माण कर रही है। किसी भी समाज में सुरक्षा का मानक भी यही है कि महिलाएं बिना भय के कार्य करने के घर से बाहर निकल सकें। 2017 के बाद सरकार की तरफ से इस दिशा में किए गए प्रयास के परिणाम सबके सामने हैं।

भय के चलते पढ़ने के लिए यूपी से बाहर भेज देते थे बेटियों को

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले यूपी में महिला सुरक्षा चुनौती थी। मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तो बहुत सारे परिवार ऐसे थे जिन्होंने भय से बेटियों को पढ़ने के लिए यूपी के बाहर कहीं छात्रावास में या फिर कहीं रिश्तेदारों के यहां भेज दिया था। आज अच्छा लगता है कि पश्चिमी यूपी हो, मध्य, पूर्वी यूपी या फिर बुंदेलखंड, आज बेटी अपने घर से पढ़ने के लिए जाती है, शहरों में कार्य करने के लिए जाती है। उन्होंने कहा नौ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश में कामकाजी महिलाओं की संख्या 12 फीसदी से कम थी, वह आज बढ़कर के 36 फीसदी हो गई है।

बेटा-बेटी में भेदभाव बंद होने पर कई गुना बढ़ जाएगी विकास की रफ्तार

सीएम योगी ने कहा कि सदन में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के लिए संसद से पास नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा है कि 2029 के चुनाव में यह लागू हो जाए। इसे लेकर उन्होंने गोरखपुर के सांसद रविकिशन की चुटकी भी ली और कहा कि इससे उनकी सीट पर असर नहीं होने वाला है क्योंकि महिलाओं के लिए अलग सीट बन जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब समाज में महिला और पुरुष का भेद समाप्त होता है तो सुखद अनुभूति होती है। अभिभावक जब बेटी और बेटे के बीच में भेद करना बंद करेंगे तभी विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ पाएगी और तभी स्टेबिलिटी (स्थायित्व) आएगी। उन्होंने कहा कि हमें समाज में भेदभाव को हर एक स्तर पर समाप्त करना है लेकिन उसके लिए उसी प्रकार की सुविधा भी देनी पड़ेगी।

यूपी में ग्रेड वन के अब 12 फोरेंसिक साइंस लैब, छह निर्माणाधीन

वर्तमान दौर में फोरेंसिक साइंस लैब की आवश्यकता को समझाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में पुलिस के पास ग्रेड वन के सिर्फ दो फोरेंसिक साइंस लैब थे। आज यूपी में ग्रेड वन के 12 फोरेंसिक साइंस लैब है, जबकि छह निर्माणाधीन हैं। लखनऊ में पुलिस के लिए विश्व स्तरीय फोरेंसिक साइंस इंस्टिट्यूट स्थापित हो चुका है। यहां फोरेंसिक साइंस के क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पाठ्यक्रमों की शुरुआत भी हो चुकी है।

तीन नए कानून लागू होने के बाद सात वर्ष से अधिक सजा में फोरेंसिक साक्ष्य अनिवार्य

सीएम योगी ने कहा कि देश में तीन नए कानून लागू होने के बाद सात वर्ष से ऊपर की सजा के लिए किसी भी आपराधिक मामले में फोरेंसिक साक्ष्य को अनिवार्य कर दिया गया है। अगर फोरेंसिक साक्ष्य नहीं होगा तो अपराधी छूट जाएगा। इसके लिए सरकार ने सभी 75 जनपदों में दो-दो मोबाइल फोरेंसिक लैब उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि फोरेंसिक साइंस के बढ़ते महत्व को देखते हुए इसमें जरूरी मैनपावर की पूर्ति के लिए सरकार ने लखनऊ में फोरेंसिक साइंस इंस्टिट्यूट की स्थापना की है। यहां स्पेस साइंस, साइबर क्राइम, ड्रोन टेक्नोलॉजी के लैब देखेंगे तो एक-एक लैब ढाई से पांच करोड़ के बीच में बनी है। मैनपॉवर को सुनिश्चित करने के लिए पाठ्यक्रम तैयार किए।

आज अपराधी के गले तक पुलिस का हाथ

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले सिर्फ दो लैब होने से वर्षों तक साक्ष्य के बारे में कोई रिपोर्ट नहीं आती थी। परिणाम था कि अपराधी छूट जाता था। आज अपराधी छूटेगा नहीं, अपराधी के गले तक पुलिस का हाथ होता है और अपराधी को सजा करवाने में फोरेंसिक साक्ष्य सहयोग करता है। अपराधी सजा पाता है और एक पीड़ित व्यक्ति न्याय पाता है।

2017 में थे दो साइबर थाने, आज सभी जनपदों में

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में प्रदेश में सिर्फ दो साइबर थाने थे। आज 75 जनपदों में साइबर थाने हैं। प्रदेश के 1681 थानों में एक साइबर हेल्प डेस्क भी है। साइबर हेल्प डेस्क में साइबर अपराध को कंट्रोल करने के लिए और व्यापक जानकारी देने के लिए एक स्किल मैनपॉवर वहां मौजूद रहता है। प्रदेश के साइबर थानों ने साइबर अपराधियों से सैकड़ो करोड रुपये बचाने में सफलता प्राप्त की है। सीएम योगी ने कहा कि समय के अनुरूप अपडेट होना जरूरी है और हमारा दायित्व भी है। साइबर क्राइम से बचने, डीप फेक के मामलों को नियंत्रित करने, डॉक्यूमेंट को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार के स्तर पर व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं।

अधिक आबादी यूपी की डेमोग्राफिक डिविडेंड और पूंजी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की सबसे बड़ी आबादी का राज्य है। वर्ष 2017 के पहले यह राज्य पहचान के लिए मोहताज था। हमने इस आबादी को केवल आबादी नहीं माना। लोग हमें शक की निगाहों से देखते थे। हमने कहा, हमारी जो आबादी है यह भारत का सबसे अच्छा डेमोग्राफिक डिविडेंड है, यह हमारी पूंजी है। यह भारत का स्किल्ड वर्कफोर्स है। हम उसको उसके योग्य बनाएंगे। मानव संसाधन की इस पूंजी को आगे बढ़ने का दायित्व सरकार ने लिया और अलग-अलग क्षेत्र में इसे आगे बढ़ाने का काम किया।

युवाओं को मार्केट रेडी और इंडस्ट्री रेडी वर्कफोर्स में बदलने का हुआ काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश युवाओं के स्केल के लिए, इनोवेशन के लिए, टेक्नोलॉजी से जोड़कर उसे उसे मार्केट रेडी और इंडस्ट्री रेडी वर्कफोर्स में बदलने का काम सरकार ने किया है। लोग कहते हैं कि कैसे हुआ हमने कहा यह मौजूद था, बस इच्छा शक्ति का अभाव था। यहां का युवा प्रतिभाशाली था लेकिन उसको प्लेटफार्म नहीं मिलता था। राजनीतिक इच्छा शक्ति की कमी थी। जाति के नाम पर बांटने वाले लोग कहां इस ताकत को समझते। नकारात्मकता जिनके मन में हो, समाज के प्रति जिनके मन में नफरत का भाव हो, वह कहां उसे ताकत को समझेंगे। सीएम ने कहा कि यूपी भारत का कंज्यूमर स्टेट ही नहीं है बल्कि भारत का डेमोग्राफिक डिविडेंड भी है। हमें यहां के युवाओं को स्किल्ड करना है, इनोवेशन के साथ जोड़ना है, टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ना है। और, इसका परिणाम हुआ कि मार्केट भी उसके सामने है और इंडस्ट्री भी उसका हाथ फैला करके स्वागत करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि 96 लाख एमएसएमई यूनिट यूपी के अंदर हैं। 3 करोड़ से अधिक लोग एमएसएमई यूनिट में काम कर रहे हैं। जबकि 2017 के पहले यह बंदी के कगार पर था। यूपी बीमारू हो रहा था, सड़कों की स्थिति दयनीय थी। उन्होंने कहा कि हम लोग जब 2017 में आए थे तो इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति खराब थी। सड़क है कि गड्ढा, कुछ भी पता नहीं होता था। आज यूपी यह देश का एक्सप्रेसवे स्टेट हो गया है। सबसे ज्यादा मेट्रो का संचालन यूपी के अंदर हो रहा है। सबसे ज्यादा एयरपोर्ट यूपी के पास हैं। और

भारत में 55 फीसदी मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग यूपी में

सीएम योगी ने कहा कि भारत के अंदर वर्तमान में मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग का जितना भी काम हो रहा है, उसमें 55 फीसदी अकेले यूपी कर रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट भारत में जितना भी बन रहा है उसमें 60 प्रतिशत अकेले यूपी के माध्यम से ही बनाए जा रहे हैं।

यूपी के टैलेंट को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा तो बनी यूपी की नई तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी के अंदर नोएडा व ग्रेटर नोएडा नोएडा आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स का मैन्युफैक्चरिंग हब बना है। कानपुर लेदर और ड्रोन का हब बना है। पूर्वी यूपी ने एग्रीकल्चर के साथ एमएसएमई के नए हब के रूप में अपने आप को स्थापित किया है। लखनऊ डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और एआई के रूप में अपने आप को स्थापित कर रहा है। बुंदेलखंड डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के साथ ही 56000 एकड़ में फ्यूचर रेडी इंडस्ट्रियल टाउनशिप और फार्मा पार्क के रूप में अपने आप को तैयार कर रहा है। यह नए यूपी की वह तस्वीर है जिसमें हमने यूपी को उसके टैलेंट को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़कर और इंडस्ट्री के हब के रूप में स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है। आईटी, इलेक्ट्रॉनिक, एआई, सेमीकंडक्टर, स्टार्टअप और डाटा सेंटर से लेकर के एमएसएमई और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के सभी कार्य आज के दिन यूपी के अंदर हो रहे हैं। साइबर, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एग्रीटेक, फिनटेक, डीपटेक, हेल्थटेक, टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्र में उत्तर प्रदेश तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है।

ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी बनाने के लिए दो सेंटर आफ एक्सीलेंस

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी बनाने के लिए दो सेंटर आफ एक्सीलेंस की कार्ययोजना को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में मैं स्वयं जापान गया था। जापान के पास ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी की एडवांस टेक्नोलॉजी है। जापान की वह टीम युपज के अंदर आ रही है और इस दिशा में कार्य करने के लिए हम लोगों ने मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का चयन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अंदर देश की दुनिया की सबसे उर्वरा भूमि ही नहीं है बल्कि सबसे अच्छा जल संसाधन भी है। जल के फार्मूले को देखेंगे तो दो मात्रा हाइड्रोजन की है और एक मात्र ऑक्सीजन की है। इस दो मात्रा को एनर्जी के रूप में बदल देंगे तो उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के बड़े एनर्जी केंद्र के रूप में स्थापित होगा। हमारे पास अन्नदाता किसान भी हैं जो आपका इथेनॉल से भी एनर्जी दे देंगे और जल से ग्रीन हाइड्रोजन मिल जाएगा। इस दिशा में कार्य हो रहे हैं।

मेडिटेक, एग्रीटेक पर सरकार कर रही काम

सीएम ने कहा कि आईआईटी कानपुर और एसजीपीजीआई लखनऊ के साथ हम लोग मेडिटेक पर काम कर रहे हैं। ऐसे ही डीपटेक पर आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीएचयू के साथ काम हो रहे हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के अंदर एग्रीटेक पर वर्ल्ड बैंक के साथ मिलकर प्रदेश सरकार काम आगे बढ़ा रही है। इसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश के 28 जनपदों को चयन किया गया है और बुंदेलखंड के जनपदों को उसके साथ जोड़ा गया है। सरकार तेजी से आगे बढ़ते हुए निवेश, नवाचार और इसके माध्यम से रोजगार के नए-नए द्वार खोलने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

पॉवरग्रिड के कार्यों को सीएम योगी ने सराहा

मुख्यमंत्री ने एमएमएमयूटी में गर्ल्स हॉस्टल बनवाने के लिए पॉवरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की पूरी टीम को धन्यवाद दिया और यूपी में उसके द्वारा किए जा रहे सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यों की सराहना की। कहा कि वाराणसी में कैंसर इंस्टिट्यूट के पास एक ही लीनियर एक्सीलेटर मशीन थी। दूसरी की व्यवस्था उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से 26 करोड रुपये देकर कराई थी। अब वहां तीसरी मशीन पॉवरग्रिड ने उपलब्ध करवा दी है। मुख्यमंत्री ने साइबर फोरेंसिक लैब का शुभारंभ होने पर एमएमएमयूटी परिवार को बधाई भी दी।

एमपीआईटी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन 15 अप्रैल को, आएंगे टाटा संस के अध्यक्ष

मुख्यमंत्री ने बताया कि गोरखपुर में एक सेंटर आफ एक्सीलेंस टाटा टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर प्रारंभ किया जा रहा है। महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) उसको आगे बढ़ा रहा है। इसमें एआई लैब, ड्रोन, साइबर क्राइम, स्पेस टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, थ्री डी प्रिंटिंग से जुड़ी हुई वर्ल्ड क्लास लैब बन चुकी है। यह सेंटर आफ एक्सीलेंस पूर्वी उत्तर प्रदेश के नौजवानों की स्केलिंग का एक बेहतरीन केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि सेंटर आफ एक्सीलेंस का उद्घाटन 15 अप्रैल को प्रस्तावित किया गया है। उद्घाटन अवसर पर टाटा संस के अध्यक्ष को बुलाया गया है। यहां के युवाओं के साथ उनके संवाद का कार्यक्रम भी रखा जा रहा है। यहां के नौजवानों की प्रतिभा को देखने का अवसर भारत के सबसे प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह को गोरखपुर के अंदर देखने को प्राप्त होगा।

एमएमएमयूटी नैक ग्रेडेशन हासिल करने वाला यूपी का पहला तकनीकी विवि : आशीष पटेल

बालिका छात्रावास के शिलान्यास समारोह में प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय नैक ग्रेडेशन हासिल करने वाला प्रदेश का पहला तकनीकी विश्वविद्यालय है। आज प्रदेश की तीनों तकनीकी विश्वविद्यालयों को नैक ग्रेडेशन मिल चुकी है, पर इसकी शुरुआत एमएमएमयूटी ने की थी। उन्होंने कहा कि अपने विद्यार्थियों के प्रदर्शन से यह विश्वविद्यालय सदैव बेहतरीन रहा है। उन्होंने गर्ल्स हॉस्टल की सौगात देने के लिए पॉवरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के प्रति आभार व्यक्त किया।

असंभव को संभव कर दिखाया सीएम योगी ने : रविकिशन

समारोह को संबोधित करते हुए सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि माफियाराज और पिछड़ेपन के चलते यूपी को बदलना असंभव लगता था लेकिन सीएम योगी ने असंभव को संभव कर दिखाया है। उन्होंने यूपी की शिक्षा और अर्थव्यवस्था को नया आयाम दिया है। वह निस्वार्थ संत हैं। सांसद रविकिशन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य है और सीएम योगी इस पर खास जोर देते हैं।

सीएम योगी के मार्गदर्शन में सफलता के पथ पर अग्रसर है एमएमएमयूटी: प्रो. सैनी

एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत करते हुए कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन में यह प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय निरंतर सफलता के पथ पर अग्रसर है। पिछले कुछ वर्षों में एमएमएमयूटी ने रैंकिंग, प्लेसमेंट, पेटेंट आदि में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने अलग-अलग समय पर विभिन्न संस्थाओं की तरफ से जारी रैंकिंग को सिलसिलेवार बताते हुए कहा कि शिक्षा को लेकर हर तरह की रैंकिंग में विश्वविद्यालय निरंतर नई उपलब्धि अर्जित कर रहा है। विश्वविद्यालय में पेटेंट की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय को ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट के लिए 50 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत हुआ है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत करते हुए पॉवरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया नॉर्दन रीजन के कार्यकारी निदेशक योगेश कुमार दीक्षित ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में बेटियों की सुरक्षा, सम्मान व शिक्षा को दी गई प्राथमिकता अत्यंत सराहनीय है।

इस अवसर पर प्रदेश सरकार में मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, सरवन निषाद, एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, पॉवरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के निदेशक प्रचालन नवीन श्रीवास्तव, स्वतंत्र निदेशक तपस्या पासवान, कार्यपालक निदेशक सीएसआर जसवीर सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

साइबर फोरेंसिक रिसर्च लैब का निरीक्षण किया सीएम योगी ने

मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में साइबर फोरेंसिक रिसर्च लैब का उद्घाटन करने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लैब का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं, सुविधाओं और जांच व अनुसंधान प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी भी ली।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सीएम ने किया गर्ल्स हॉस्टल निर्माण के लिए भूमि पूजन

पॉवरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से एमएमएमयूटी परिसर में निर्मित होने वाले गर्ल्स हॉस्टल के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन किया। उन्होंने विधि विधान से पूजा अर्चना करते हुए निर्माण की पहली व पूजित ईंट नींव में रखी। पूजन के उपरांत उन्होंने शिलान्यास पट्टिका का अनावरण किया और पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सीएम योगी ने बनने वाले हॉस्टल के ड्राइंग मैप का अवलोकन कर इसमें उपलब्ध कराई जाने वाली व्यवस्थाओं और सुविधाओं की भी जानकारी ली।

प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया मुख्यमंत्री ने

मंचीय कार्यक्रम प्रारंभ होने से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के परिसर में छात्रों की तरफ से लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। स्टालों पर जाकर उन्होंने छात्रों की तरफ से बनाए गए मॉडलों और उनकी उपयोगिता के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की और उनका उत्साहवर्धन किया।

इन्हें मिला मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कार

शिक्षक प्रो. राजेश कुमार यादव, डॉ. अजय कुमार बरनवाल, डॉ. धीरेंद्र सिंह, शोध छात्रा कंचन शर्मा और स्नातक तृतीय वर्ष के छात्र राज्यवर्धन राठौर।

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