Friday, February 13, 2026
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अमरीका भारत ट्रेड डील को लेकर किसान संगठन भड़के, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपा

बाराबंकी। भारत अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ देश व प्रदेश भर मे आंदोलन चलाया जा रहा है। ट्रेड डील एक अभिशाप है जो किसानों व गरीबो की जिंदगी के साथ खिलवाड़ होगा। स्वतंत्र लोकतांत्रिक भारत देश के किसानों और मजदूर के हितों में केंद्र सरकार द्वारा की गई घोषणाओं और वायदों को पूरा न किए जाने एवम भारत अमेरिका ट्रेड डील के कारण समूचे देश के किसान और मजदूर आज सड़कों पर संघर्ष करते हुए सरकार के ही वायदों को पूरा कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसी क्रम मे जनपद बाराबंकी मे भी कई किसान सगठनों ने ट्रेड डील को लेकर धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर हो गए है।

इसी क्रम मे भाकियू श्रमिक जनशक्ती के जिलाध्यक्ष मोहम्मद अब्बास ज़ैदी के नेतृत्व मे किसानों के साथ देश के राष्ट्रपति के नाम 16 माग पत्र अधिकारी को सौपा। ज्ञापन के माध्यम से जिलाध्यक्ष मो अब्बास ज़ैदी ने बताया की भारत सरकार द्वारा अमेरिका से ट्रेड डील का भारत का समूचा किसान विरोध करता है और इस डील को तत्काल निरस्त किया जाये, वही केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में किसाने और मजदूरों से किए गए वादों को पूरा किया जाए जिसमें सरकार ने डॉ0 स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू करने की बात कही गई थी जो अभी तक नही लागू किया गया है।

इसके अलावा पंजाब व हरियाणा के किसानों द्वारा संवैधानिक तरीके से किया जा रहे आंदोलनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़ने का जो आदेश दिया गया वह संवैधानिक नहीं था उसमें तमाम किसान लोग चोटिल और गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। इसे तत्काल रोका जाये और किसानों की मांगों को पूरा किया जाए। श्री ज़ैदी ने कहा की एसकेएम ने किसान संगठनो के “दिल्ली चलो मार्च” को रोकने के लिए जिन शक्तियों का प्रयोग किया रबर बुलेट चलाई गई, लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े उन्हें जबरिया गिरफ्तारी का सहारा लेकर के गैर कानूनी तरीके से उन्हें प्रताड़ित किया जो गलत और किसानों के द्वारा किए जा रहे हैं।

शांतिपूर्ण संघर्ष और आंदोलन पर सरकार के द्वारा किए गए हमले से यह साबित होता है कि वास्तव में यह लोकतंत्र पर और भारतीय संविधान पर हमला है। जिलाध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुवे कहा की केंद्र सरकार के द्वारा दोहरी नीति अपनाते हुए नौकरशाहों और राजनीतिक दलों को विशेष संरक्षण देते हुए कुछ पूंजी पतियों और उद्योगपतियों को विशेष लाभ पहुंचाया गया पूँजीपतियों के भारी भरकम ऋणों को माफ किया गया जबकि किसानों का कर्ज नही माफ किया गया है। इसके अलावा कई मागो को लेकर किसान आक्रोषित दिखे। इस मौक़े पर भाकियू श्रमिक जनशक्ति के वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष अशोक कश्यप, किशन यादव डॉ राजेन्द्र पाठक, शिवा कांत शुक्ला, मनोज कुमार, प्रेम कुमार यादव निंदुरा, अनुराग कश्यप, प्रेम कुमार, ज़ीशान अनवर, अंकित कुमार, नरेंद्र यादव आदि किसान नेता मौजूद रहे।

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