उरई( जालौन)। जनपद में बीते दो दिनों में हुई ओलावृष्टि, अतिवृष्टि और तेज आंधी-तूफान ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। क्षेत्र के किसानों की गेहूं, चना, सरसों, उड़द और मूंग की फसलें भारी नुकसान का शिकार हुई हैं। फसलों के नुकसान से किसान आर्थिक संकट में फंस गए हैं और उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है। इसी मुद्दे को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के तहसील अध्यक्ष कोंच चतुरसिंह पटेल ने किसानों के साथ जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को दिया।
ज्ञापन में किसानों की स्थिति को गंभीर बताते हुए तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई है। कहा गया है कि ओलावृष्टि और बारिश से खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। कई किसानों के पास खाने के लिए अनाज तक नहीं बचा है, वहीं पशुओं के लिए भूसे की भी भारी कमी हो गई है। ऐसी स्थिति में आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुके किसान सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। भारतीय किसान यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि सलैया, कैलिया क्षेत्र से लेकर नदीगांव क्षेत्र, अर्जुनपुरा क्षेत्र तथा कोंच क्षेत्र के सिकरी, गुरावती, पड़री, गोरा, कुंवरपुरा और कैथी सहित अन्य प्रभावित गांवों में लेखपालों द्वारा तत्काल सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
किसान यूनियन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अन्यथा की स्थिति में भारतीय किसान यूनियन आंदोलन और प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी। इस मौके पर तहसील अध्यक्ष चतुर सिंह पटेल, ब्लॉक अध्यक्ष सुभाष पटेल परैथा, महासचिव पीडी निरंजन, जगदीश प्रसाद, संतराम, भगवान सिंह, सुशील कुमार पड़री, शैलेंद्र निरंजन पड़री, सुनील कुमार, विजय सिंह, प्रमोद कुमार, गंगाराम, शिव बालक, कैलाश, हरगोविंद, महेंद्र, गणेश प्रसाद, सुषमा देवी पड़री, मंगल सिंह, ब्रजेंद्र सहित तमाम किसान मौजूद रहे।





