मानवता के कल्याण के लिए दुनिया को युद्ध नहीं बुद्ध की जरूरत -भंते धम्मदीप
सिरमौर बौद्ध विहार सोइया में चल रहे वर्षा वास कार्यक्रम का समापन रविवार को धम्मदेशना और बौद्ध भोज के साथ हुआ। वर्षा वास के अंतिम दिन नलकूप विभाग के आपरेटर के पद से सेवा निवृत्त हुए बौद्धाचार्य रामटहल बौद्ध ने भिक्षु संघ के समक्ष प्रवज्या ग्रहण करते हुए चीवर धारण किया।चीवर धारण करने के बाद उनका नामकरण भिक्षु भंते शील रत्न के रूप में किया गया है।
भिक्षु संघ ने सामूहिक त्रिसरण पंचशील के बाद राम टहल बौद्ध को प्रवज्या प्रदान की और उनके गृह त्याग कर धम्म प्रचार के लिए आगे आने के लिए साधुवाद दिया।
भिक्षु भंते धम्मदीप, प्रताप गढ़, भिक्षु धम्म मित्र सुल्तानपुर, भिक्षु बुद्ध दीप, मिर्जापुर, भिक्षु सीलवंत, मुसाफिर खाना, भिक्षु भंते प्रज्ञा मित्र, भंते धम्मदीप, सिरमौर बौद्ध विहार अमेठी ने सामूहिक त्रिसरण पंचशील के बाद राम टहल बौद्ध को प्रवज्या प्रदान की। वर्षा वास के अंतिम दिन देश दुनिया के लोगों को शिक्षा, समता, समानता, शांति , मैत्रीपूर्ण भावना के साथ मानवता के कल्याण के लिए बुद्धं सरणं गच्छामि के संदेश दिए गए।
भंते धम्मदीप ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया आतंकवाद और हिंसा से पीड़ित हैं। युद्ध से कभी भी किसी समस्या का हल नहीं हो सकता। मानवता के कल्याण के लिए दुनिया को युद्ध की नहीं बुद्ध की जरूरत है।
धम्मदेशना के दौरान कवि और शिक्षक राम चन्द्र सरस ने सुंदर बुद्ध वंदना प्रस्तुत की।
युवा एडवोकेट सत्यम् कोरी ने भिक्षु संघ को फल एवं द्रव्य दान किया।
कार्यक्रम का संचालन संगठन सचिव संजय कुमार शास्त्री ने किया।
आयोजन समिति और बौद्ध विहार की ओर से कार्यकारी सचिव राम फल फौजी ने आगंतुकों, अतिथियों और उपासक , उपासिकाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
सिरमौर बौद्ध विहार सोइया प्रबंध समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव भारती, बौद्धाचार्य वैरागी राम भारती, बाबू लाल गौतम, इन्द्र पाल गौतम, फूलचंद, राजेश अकेला,फूल चंद बौद्ध , बृजेश कुमार, ललित कुमार, श्याम लाल, जिया लाल बौद्ध, राजेश कुमार कोरी, श्री राम, राजेन्द्र बौद्ध, जवाहर लाल,राम खेलावन बौद्ध,मेघमऊ, हीरालाल बौद्ध,अजय कुमार, जितेन्द्र कुमार,सोनू,राम सुमेर,सभादीन, छोटे लाल, रामदेव,किसुन पाल, कोमल, अमृत लाल , मोती लाल आदि मौजूद रहे।





