हमीरपुर। कलेक्ट्रेट स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी घनश्याम मीना की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त बैंकर्स को रोजगारपरक योजनाओं में ढिलाई बरतने पर कड़ी फटकार लगाई।
जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान जमा-ऋण अनुपात, वार्षिक ऋण योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, वन डिस्टिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP), मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना, पीएमएफएमई, कृषक अवस्थापन निधि, एनपीए खातों की स्थिति और आरसेटी की प्रगति की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि जनपद का जमा-ऋण अनुपात बेहद खराब है और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में ऋण वितरण की स्थिति संतोषजनक नहीं है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत जिले में अब तक 1195 आवेदन हुए, जिनमें से केवल 380 स्वीकृत हुए जबकि 571 आवेदन निरस्त कर दिए गए। 400 प्रकरण अब भी लंबित हैं।
डीएम ने सबसे अधिक लम्बित प्रकरण रखने वाले बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक और एसबीआई की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि बुधवार पूर्वान्ह 11 बजे से विकास भवन में दो दिवसीय कैम्प लगाकर सभी 400 लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि योजनाओं के तहत ऋण वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, कमीशनखोरी या फर्जीवाड़ा पाया गया तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, निदेशक आरसेटी, आरबीआई प्रतिनिधि सहित जिले के सभी बैंक अधिकारी मौजूद रहे।





