एसआईआर के कारण रुकी थी कारवाही
वाराणसी। नई सड़क से सीधे श्री काशी विश्वनाथ धाम तक जाने के लिए सरकार की वृहद परियोजनाओं में एक दालमंडी प्रोजेक्ट पर एक बार फिर बुधवार दोपहर 1:00 बजे के बाद काम शुरू कर दिया गया। बता दे की दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण परियोजना श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक के रास्ते को चौड़ा करने की योजना है। इस परियोजना के तहत करीब 650 मीटर लंबे मार्ग को लगभग 221 करोड़ रुपये की लागत से 17.4 मीटर चौड़ा किया जाना है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के दायरे में कुल 184 भवन आ रहे हैं, जिनमें से अब तक 19 से अधिक भवनों का अधिग्रहण (रजिस्ट्री) हो चुका है। चार से अधिक भवनों का ध्वस्तीकरण पहले ही किया जा चुका है। वही ध्वस्थिकरण की कार्रवाही गुरुवार को जारी रहा मगर बुधवार को तोड़े गए मकान के कुछ अंश को ही गुरुवार को ध्वस्त किए गए। ठंड के चलते कारवाही भी ज्यादा देर तक नहीं हुई। वही पहले दिन प्रशासन ने सुबह अधिग्रहित भवनों के स्वामियों और दुकानदारों को चेतावनी जारी कर भवन खाली करने के निर्देश दिए थे।
ध्वस्तीकरण की जद में भवन संख्या सीके 39/5, सीके 43/113 और सीके 50/207 (सत्तार कटरा) शामिल हैं। हालांकि, सत्तार मार्केट (सीके 50/207) को भवन स्वामी शाहिद की ओर से स्वयं तुड़वाया जा रहा है। इस मार्केट का ऊपरी हिस्सा पिछले माह ही ध्वस्त किया जा चुका है। दोपहर में भारी पुलिस बल के साथ पहुंची टीम ने भवन संख्या सीके 43/113 के ऊपरी हिस्से को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की।
यूपी में चुनाव आयोग की ओर से वोटर लिस्ट के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) अभियान के कारण दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोक दी गई थी। अब प्रशासन ने फिर से अभियान की शुरुआत कर दी है। कार्रवाई के दौरान एसीपी दशाश्वमेध डॉ.अतुल अंजान त्रिपाठी और पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की।





