उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल से संगठित और असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिकों की दैनिक मजदूरी बढ़ेगी। श्रम विभाग ने महंगाई को देखते हुए मूल दरों और महंगाई भत्ते में संशोधन किया है।
लखनऊ। प्रदेश में संगठित और असंगठित क्षेत्र के लाखों कामगारों को एक अप्रैल से बढ़ी हुई मजदूरी मिलेगी। इससे श्रमिकों की दैनिक कमाई बढ़ेगी। श्रम विभाग ने महंगाई को ध्यान में रखते हुए मजदूरी की मूल दरों और महंगाई भत्ते (डीए) में संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत अकुशल, अर्द्ध-कुशल, कुशल और अति कुशल सभी श्रेणियों के कामगारों की मजदूरी में बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी औसतन 10 से 14 रुपये प्रतिदिन तक होगी।
श्रम विभाग हर छह महीने में महंगाई भत्ते की समीक्षा करता है। इसी क्रम में श्रमायुक्त मार्कंडेय शाही ने अप्रैल के लिए नई दरों का आदेश जारी किया है। इसमें कालीन उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों की आय में भी इजाफा हुआ है। अकुशल मजदूरों की मासिक मजदूरी 10,293 रुपये से बढ़कर 10,566.29 रुपये हो गई है (लगभग 406.39 रुपये प्रतिदिन)।
अर्द्ध-कुशल श्रमिक अब 11,740 रुपये मासिक (करीब 451.55 रुपये रोज) पाएंगे। कुशल श्रमिकों की मजदूरी 12,351 रुपये से बढ़कर 12,679 रुपये (लगभग 487.67 रुपये प्रतिदिन) हो गई है। कांच और चूड़ी उद्योग से जुड़े कामगारों को भी नई दरों का लाभ मिलेगा। अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 9,825 रुपये से बढ़कर 10,096.68 रुपये (388.33 रुपये प्रतिदिन) हो गई है।
अर्द्ध-कुशल श्रमिकों को करीब 442.52 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। कुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 492.19 रुपये तय की गई है। चूड़ी उद्योग में विशेष काम करने वाले श्रमिकों की आय में भी वृद्धि हुई है। तारवाला को अब 26,180.93 रुपये मासिक (लगभग 1006.95 रुपये प्रतिदिन) मिलेंगे। पर्यवेक्षक को लगभग 681.84 रुपये रोज मिलेंगे।





