ग्रामीणों ने अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी, जांच की मांग
भादर विकासखंड स्थित रामगंज गौशाला में अव्यवस्थाओं के कारण गोवंश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गौशाला में संरक्षित पशुओं को पर्याप्त चारा, दाना और पानी नहीं मिल रहा है, जिससे वे कमजोर और बीमार हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने गौशाला में चारा, दाना और पशुओं की देखभाल पर खर्च हो रही धनराशि में अनियमितता की आशंका व्यक्त की है। उनका कहना है कि पर्याप्त बजट होने के बावजूद गोवंश को न तो संतुलित आहार मिल रहा है और न ही नियमित चिकित्सकीय सुविधाएँ। परिणामस्वरूप, कई पशु कुपोषण और विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीण सोनू सिंह, चंद्रकांत पाल और कपिल वर्मा ने बीमार तथा मृत गोवंश के प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि मृत पशुओं को रात के समय गुपचुप तरीके से हटाया जाता है, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर संदेह पैदा होता है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गोली सोनी ने कहा कि एक ओर आवारा पशुओं से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर गौशालाओं की ऐसी खराब स्थिति चिंता का विषय है। उनका मानना है कि गौशालाओं का उचित संचालन सुनिश्चित होने से गोवंश सुरक्षित रहेगा और किसानों की समस्या का भी समाधान हो सकेगा।





