तृणमूल कांग्रेस ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जिसमें पूर्व डीजीपी राजीव कुमार का नाम शामिल है। सारधा और रोजवैली घोटालों में उनकी भूमिका विवादित रही है, और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले उनका बचाव किया था। चुनाव आयोग ने भी उन्हें कई बार पद से हटाया है। यह फैसला भ्रष्टाचार के मामलों के बीच एक राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। सूची में बाबुल सुप्रियो, मेनका गुरुस्वामी और कोयल मल्लिक भी हैं।
आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस की ओर से जारी उम्मीदवारों की सूची में विवादों में रहे पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) व पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार भी शामिल हैं। सारधा और रोजवैली चिटफंड घोटालों की जांच के दौरान राजीव कुमार की भूमिका लंबे समय तक विवादों में रही है।
वर्ष 2019 में जब इस मामले में सीबीआइ ने उनसे पूछताछ की कोशिश की थी, तब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके समर्थन में कोलकाता में अभूतपूर्व धरना दिया था, जिसे उन्होंने ‘संविधान बचाने की लड़ाई’ का नाम दिया था। उन पर जांच के दौरान साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगे थे। तब वह राज्य द्वारा गठित विशेष जांच दल के प्रमुख थे।
राजीव कुमार पर लगे आरोप
हाल में कोलकाता में राजनीतिक परामर्श फर्म आइ-पैक के परिसरों पर ईडी की छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राजीव कुमार के साथ स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर कार्रवाई का विरोध किया था। उन पर विपक्षी नेताओं के फोन टैप करने और सत्ताधारी दल के पक्ष में काम करने के आरोप भी लगे थे।
निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने उन्हें कई बार उनके पद से हटाया है, जिसमें 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान डीजीपी पद से हटाना भी शामिल है। पार्टी का यह फैसला राज्य में भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री व वर्तमान में बंगाल सरकार में मंत्री बाबुल सुप्रियो, प्रसिद्ध वकील मेनका गुरुस्वामी और बांग्ला फिल्म जगत की लोकप्रिय अभिनेत्री कोयल मल्लिक को भी अपना उम्मीदवार बनाया है।





