लाठी डंडे के सहारे जनता की आवाज को दबाकर डबल इंजन सरकार ने लोकतंत्र को घायल किया -प्रदीप सिंघल
लोकतंत्र में वोट चोरी और गलत तरीके अपनाकर केंद्र की सत्ता में फिर से आने वाली डबल इंजन सरकार के खिलाफ कांग्रेस गुरुवार को सड़कों पर उतरी।मशाल जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया और जनता को भाजपा के विरुद्ध एकजुट होकर देश में वैकल्पिक राजनीति का वातावरण तैयार करने का संदेश दिया।
अ.भा. कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर असंवैधानिक तरीके से केंद्र पर काबिज मोदी सरकार के विरोध में वोट चोर गद्दी छोड़” की गूंज आज अमेठी की गलियों और चौराहों में सुनाई दी, जब जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार मशाल जुलूस निकाला गया। इस ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने किया।
मशाल जुलूस का प्रारंभ शाम 6:00 बजे केंद्रीय कांग्रेस कार्यालय, गौरीगंज से हुआ। हाथों में जलती मशालें और होंठों पर गूंजते नारे “लोकतंत्र बचाओ, वोट चोर भगाओ”, “संविधान की रक्षा करो”, “जनादेश पर डाका नहीं चलेगा नहीं चलेगा” ने वातावरण को ऊर्जा और प्रतिरोध के संदेश से भर दिया। यह जुलूस कांग्रेस कार्यालय से निकलकर हनुमान मंदिर तिराहा, स्टेशन चौराहा,सैठा चौराहा, सब्जी मंडी,कमला नेहरू स्कूल, बस स्टॉप होते हुए पुनः केंद्रीय कांग्रेस कार्यालय पर आकर संपन्न हुआ।
जुलूस के दौरान प्रदीप सिंघल ने कहा “केंद्र की सत्ता पर काबिज सरकार ने लोकतंत्र की आत्मा को घायल किया है।
जनता के वोट से बनी सरकार को गिराकर सत्ता हथियाना न केवल जनादेश की चोरी है, बल्कि संविधान और देश की गरिमा का खुला अपमान है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेसजन देश के हर गली-मुहल्ले में मशाल लेकर निकलेंगे और इस अन्याय के खिलाफ जनता की आवाज़ को बुलंद करेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि आज की यह लड़ाई सिर्फ कांग्रेस की नहीं, बल्कि उन करोड़ों नागरिकों की है जो लोकतंत्र और संविधान पर भरोसा रखते हैं। यह मशाल जुलूस जनता की आंखों में जलते गुस्से और दिलों में धधकते संकल्प का प्रतीक है।
जिला प्रवक्ता अनिल सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार लगातार संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है, विपक्ष की आवाज़ को दबाने के लिए भय और दमन के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। लेकिन कांग्रेस का इतिहास बताता है कि चाहे कितनी भी कठिन परिस्थितियाँ हों, पार्टी लोकतंत्र की मशाल को बुझने नहीं देगी।
कार्यक्रम में शामिल कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि आने वाले समय में गाँव-गाँव, शहर-शहर, घर-घर जाकर जनादेश की रक्षा के लिए जनजागरण किया जाएगा। “हम डरेंगे नहीं, झुकेंगे नहीं, रुकेंगे नहीं” के स्वर गगनभेदी नारों की तरह अमेठी की सड़कों पर गूंजते रहे।
मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में जिला पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल और हजारों आम नागरिक शामिल हुए। हर हाथ में जलती मशाल और हर चेहरे पर बदलाव का संकल्प साफ दिखाई दे रहा था।
यह विरोध प्रदर्शन केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं था, बल्कि एक लोकतांत्रिक पुकार थी एक संदेश कि देश का जनादेश बिकाऊ नहीं है, लोकतंत्र लाठी-डंडे से नहीं चलता और सत्ता का ताज जनता के विश्वास से ही शोभा पाता है।
जुलूस में पूर्व विधायक राधेश्याम धोवी,जायस नगर पालिका अध्यक्ष मनीषा चौहान,वीरेंद्र मिश्र,अनुराग सिंह रमाकांती,मो.मतीन,धर्मराज बहेलिया,आशिफ छोटू,राम बरन कश्यप,अर्जुन पासी,फतेह बहादुर,शुभम सिंह तुलसी राम पासी,चंद्र मोहन तिवारी,केवल शुक्ला एड.,आनंद सिंह सौरभ मिश्र, डॉ देवमणि तिवारी,दीपक आर्य, महावीर कोरी, कलावती मौर्य, अरूण मिश्र,किरनदेवी,मोअकमल,सर्वेशसिंह,हनुमान लोहार,पवन दुवे,राम प्रसाद गुप्ता,जगन्नाथ यादव,शिवेंद्र विक्रम,करन दुवे,तारकेश्वर चौहान,आशा पाण्डेय,सुरेश श्रीवास्तव,ममता पाण्डेय मौजूद रहे।





