Friday, March 6, 2026
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शीतलहर -कोहरे में बढ़ा सड़क हादसों का खतरा, अमेठी में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक दिसंबर में भी नहीं

डी एम और शासन के निर्देशों पर भारी है,एन एच आई के अभियंता , नहीं हुई राजामऊ नहर की पटरी की मरम्मत

जिले में शीतलहर और घने कोहरे के बीच सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन दिसंबर माह में अब तक सड़क सुरक्षा समिति की बैठक नहीं हो सकी है। मुख्यमंत्री के निर्देशों का कड़ाई से पालन नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण अंचलों में अलाव जलाने और निराश्रितों को कंबल वितरण का कार्यक्रम भी अभी तक शुरू नहीं हो सका है।

सड़क सुरक्षा समिति की पिछली बैठक 21 नवंबर को हुई थी, जिसमें पूर्व बैठकों में तय कार्ययोजनाओं और सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा की गई थी। बैठक के बाद लगभग एक महीने का समय बीत चुका है लेकिन कई विभाग अपनी जिम्मेदारी के काम पूरा नहीं कर पाए हैं।

बैठक में एनएचएआई रायबरेली को राजामऊ के पास नहर पटरी की मरम्मत 15 अक्टूबर तक कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ। एक सप्ताह के भीतर काम न होने की स्थिति में मरम्मत के लिए आवंटित धनराशि लोक निर्माण विभाग को ट्रांसफर करने के निर्देश भी दिए गए थे, बावजूद इसके एनएचएआई की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नहर पटरी की बदहाली से तिलोई क्षेत्र के लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नगर पालिका गौरीगंज ने पार्किंग स्थलों और अवैध टैक्सी स्टैंडों को लेकर एक महीने बाद भी कोई रिपोर्ट नहीं सौंपी है। वहीं एआरटीओ कार्यालय द्वारा ई-रिक्शा रूट प्रणाली के लिए रंग तो तय कर दिए गए हैं, लेकिन रूट सिस्टम अब तक लागू नहीं हो पाया है। ई-रिक्शा चार्जिंग प्वाइंट्स को लेकर भी सड़क सुरक्षा समिति को कोई जानकारी नहीं दी गई है।

पिछली बैठक में एनएचएआई रायबरेली के प्रतिनिधि एएचएमई अभय सिंह यादव उपस्थित थे, लेकिन उन्हें एनएचएआई के नियंत्रणाधीन मार्गों और दुर्घटना स्थलों की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी। एनएचएआई की ओर से अब तक कोई आख्या प्रस्तुत नहीं की गई है।

जिला मुख्यालय गौरीगंज में बस स्टेशन की स्थापना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी अधूरी है। हालांकि एनएच-931 (प्रतापगढ़–अमेठी–गौरीगंज–मुसाफिरखाना) और एनएच-931ए के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण प्रस्ताव को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने स्वीकृति दे दी है। एनएच-330 (सुल्तानपुर–प्रयागराज) पर चिन्हित दुर्घटना स्थलों के लिए वार्षिक कार्य योजना भी तैयार की जा चुकी है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर चिन्हित छह दुर्घटना संभावित स्थलों पर चेतावनी बोर्ड और थर्मोप्लास्टिक बार मार्किंग का कार्य पूरा कर लिया गया है।

दुर्घटनाओं में कमी, लेकिन मृतकों की संख्या बढ़ी

अक्टूबर माह में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में पिछले वर्ष अक्टूबर 2024 की तुलना में 36 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, लेकिन मृतकों की संख्या में लगभग छह प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

जनवरी 2025 से अक्टूबर 2025 तक सड़क दुर्घटनाओं में कुल 206 लोगों की मौत हो चुकी है। ओवरलोडिंग, बिना हेलमेट, पिलियन राइडर द्वारा बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, रांग साइड ड्राइविंग, रेड लाइट जंपिंग, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग, ओवरलोडेड यात्री वाहन और स्कूली वाहनों से जुड़े मामलों में अक्टूबर 2025 के दौरान कुल 32,444 चालान किए गए। बैठक के बाद करीब दो महीने बीतने के बावजूद अधिकांश विभाग अपने-अपने दायित्वों को पूरा नहीं कर सके हैं।

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