सिद्धार्थनगर। विकास क्षेत्र बर्डपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय देवरा चौधरी के बच्चों ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक तथा पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री कलीमुल्लाह के नेतृत्व में गोरखपुर और तथागत गौतम बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर का शैक्षिक भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान बुद्ध के जीवन और उनके आदर्शों, संदेशों, उपदेशों के बारे में बच्चों को विस्तृत जानकारी दी गई।
शैक्षिक भ्रमण के दौरान बच्चों ने फरेंदा जंगल, गोरखपुर में खाद कारखाना, गोरखनाथ मंदिर, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, रेलवे म्यूजियम, हवाई अड्डा, प्राणी उद्यान होते हुए कुशीनगर का भ्रमण किया। वहां उन्होंने गौतम बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली को देखा। भ्रमण के दौरान बच्चों को बताया गया कि तथागत गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व नेपाल के लुंबिनी में एक राजघराने ने हुआ था, उनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था।
29 साल की उम्र में उनकी शादी हुई, तत्पश्चात उन्हें एक संतान की प्राप्ति हुई, जिसका नाम राहुल था, उन्होंने राजपाठ छोड़कर तपस्वी बनने का फैसला लिया। तत्पश्चात वे ज्ञान प्राप्ति हेतु बोध गया (बिहार) पहुंचे वहां उन्हें बोध गया में एक पीपल के वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ, तभी से वे सिद्धार्थ गौतम से तथागत भगवान गौतम बुद्ध कहलाए। उन्होंने अपना पहला उपदेश वाराणसी के निकट सारनाथ में दिया।
उनका बाल्यकाल जिले की नेपाल सीमा पर स्थित कपिलवस्तु में गुजरा, इसलिए हम सब कपिलवस्तु को बुद्ध की क्रीड़ा स्थली कहते हैं, उनके बचपन के नाम सिद्धार्थ था उन्हीं के नाम पर ही 1988 में जिला सिद्धार्थ नगर बना। उनका देहावसान इसी कुशीनगर में हुआ, जिसे महापरिनिर्वाण स्थली के रूप में जाना जाता है। उन्होंने पूरे विश्व को शान्ति, अहिंसा, सहिष्णुता, आपसी भाईचारा और अध्यात्म का संदेश दिया।
भ्रमण के दौरान बच्चों ने संग्रहालय, ध्यान केंद्र, पार्क, मठ और रामभार स्तूप, वाटथाई, चीनी, श्रीलंका, और जापानी मंदिर का भी भ्रमण किया और गोरखपुर के चिड़िया घर और रामगढ़ताल का खूब आनन्द लिया और इतिहास से जुड़े तथ्यों के बारे में जानकारी भी प्राप्त की। शैक्षिक भ्रमण में मोहम्मद काशिफ नीलम देवी, सरस्वती देवी, निर्मला देवी आदि मुख्य रूप से शामिल रहीं।





