Thursday, March 19, 2026
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Chaitra Navratri: व्रत में बीपी-शुगर मरीजों के लिए सावधानी जरूरी, इन बातों का रखें खास ख्याल

रिम्स की डायटीशियन मीनाक्षी कुमारी ने इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने, समय पर दवा लेने और संतुलित आहार का पालन करने पर जोर दिया। निर्जलीकरण, अधिक नमक व तले हुए भोजन से बचें।

चैत्र नवरात्र में बड़ी संख्या में लोग व्रत रखते हैं, लेकिन उच्च रक्तचाप (बीपी) और मधुमेह के मरीजों के लिए यह समय विशेष सावधानी का होता है। गर्मी के मौसम में लंबे समय तक उपवास रखने से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी हो सकती है, जिससे स्वास्थ्य बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में विशेषज्ञ संतुलित आहार और नियमित दवा लेने की सलाह देते हैं।

रिम्स की डायटीशियन मीनाक्षी कुमारी बताती है कि नवरात्र पूजा में आस्था के साथ-साथ अपने खानपान पर भी ध्यान देना जरूरी है। खासकर के बीपी और मधुमेह रोगियों की पूरी दिनचर्या रूटीन आधारित होनी चाहिए, यानि की समय पर दवा लेना ही है और खानपान में जो पहले से वर्जित है उसे सख्ती से पालन करना चाहिए।

बीपी मरीज रखें इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन

बीपी के मरीजों को व्रत के दौरान दवा नियमित रूप से लेते रहना चाहिए। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए नारियल पानी, नींबू पानी और फलों के जूस का सेवन करना जरूरी है। अत्यधिक नमक या तले खाद्य पदार्थों से बचें और हल्का आहार लें।

मधुमेह मरीजों के लिए संतुलित व्रत जरूरी

मधुमेह रोगियों को व्रत के दौरान खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। वे रामदाना, कुट्टू और सिंघाड़े के आटे की रोटी, मखाना, साबूदाने की खिचड़ी सीमित मात्रा में ले सकते हैं। फलों में संतरा, केला और पपीता तथा ड्राई फ्रूट में बादाम और अखरोट फायदेमंद हैं, जबकि किशमिश से परहेज करें। नारियल पानी का सेवन भी लाभकारी है, लेकिन दवा समय पर लेना अनिवार्य है।

शकरकंद या साबूदाना में से एक लें

लंबे समय तक खाली पेट न रहें। अगर पूजा-पाठ अधिक समय तक करना हो तो पहले हल्का आहार लेकर ही करें। दवा के समय में बदलाव न करें और नियमित जांच करते रहें। मधुमेह मरीज शकरकंद या साबूदाना में से किसी एक का ही सेवन करें, क्योंकि दोनों में कार्बोहाइड्रेट अधिक होता है।

गर्मी में व्रत आसान बनाने के उपाय

गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त तरल पदार्थ लें। धूप में निकलने से बचें और आराम को प्राथमिकता दें। छोटे-छोटे अंतराल में हल्का फलाहार लें, ताकि ऊर्जा बनी रहे। डायटीशियन का मानना है कि सही खानपान और सावधानी से बीपी और मधुमेह मरीज भी सुरक्षित तरीके से व्रत रख सकते हैं, बिना स्वास्थ्य को जोखिम में डाले।

व्रतियों के लिए सुझाव

  • सुबह व्रत शुरू करने से पहले प्रोटीन युक्त हल्का आहार लें, जैसे दूध या मखाना।
  • शुगर लेवल की नियमित जांच करते रहें, विशेषकर मधुमेह मरीज।
  • चक्कर, कमजोरी या घबराहट महसूस होने पर तुरंत व्रत तोड़ दें।
  • अधिक मीठे फल या ज्यादा तला हुआ व्रत का भोजन न लें।
  • पर्याप्त नींद लें, क्योंकि नींद की कमी से बीपी और शुगर दोनों प्रभावित होते हैं।
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