सीबीआइ ने बाराबंकी के बैंक ऑफ इंडिया शाखा के पूर्व प्रबंधक अमन वर्मा और फील्ड अफसर शैलेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ 2.77 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
लखनऊ। सीबीआइ ने हाईकोर्ट के निर्देश पर बाराबंकी के बरौली मलिक में स्थित बैंक आफ इंडिया (बीओआइ) की शाखा के पूर्व प्रबंधक अमन वर्मा व फील्ड अफसर शैलेंद्र प्रताप सिंह उर्फ पंकज के विरुद्ध 2.77 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
साथ ही दोनों आरोपितों के लखनऊ व मैनपुरी में स्थित पांच ठिकानों पर छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं।
इस संदर्भ में बैंक आफ इंडिया के प्रबंधक राजीव बच्चन ने सीबीआइ को लिखित शिकायत दी है कि वर्ष 2022-23 में तत्कालीन शाखा प्रबंधक व फील्ड अफसर ने 41 लोगों के साथ मिलकर बैंक में ऋण के खाते खुलवाए थे।
दो करोड़ से ज्यादा लगाया था चूना
इन खातों के जरिये 2,77,97000 रुपये अलग-अलग बैंकों की शाखाओं में स्थानांतरित करके बैंक को चूना लगाया गया है। इसे लेकर जैदपुर थाने में शिकायत की गई थी, लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की।
नतीजतन मामले को लेकर बैंक ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने पुलिस को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं सीबीआइ ने वर्तमान शाखा प्रबंध की शिकायत पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक व फील्ड अफसर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
41 लोगों को बनाया गया है आरोपी
बैंक ने इस मामले में दोनों अधिकारियों सहित 41 लोगों को आरोपित बनाया है। सूत्रों के अनुसार दलाल सुरेश रावत बैंक कर्मियों की मिलीभगत से संबंधित लोगों के नाम पर मुद्रा लोन करा देता था। 10 लाख रुपये का मुद्रा लोन लेने के लिए धरोहर राशि नहीं जमा करनी पड़ती है।
इस मामले में पीड़ित सलमान ने हाईकोर्ट को बयान दिए थे कि बैंक कर्मियों ने उसकी जानकारी कि बिना ही 9.10 लाख रुपये का लोन उसके नाम पर भी स्वीकृत कर दिया था। पता चलने पर उसने पुलिस को शिकायत की थी, लेकिन सुुनवाई नहीं हुई।





