Monday, March 2, 2026
spot_img
HomeItawaलोक अदालत में निस्तारित वादों ने तोड़े अभी तक के सारे रिकॉर्ड

लोक अदालत में निस्तारित वादों ने तोड़े अभी तक के सारे रिकॉर्ड

125853 मामले हुए निस्तारित जो अभी तक इटावा जनपद में लोक अदालत में निस्तारित हुए वादों में सर्वाधिक है
इटावा। उ०प्र०राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,लखनऊ के तत्वाधान में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चवन प्रकाश की अध्यक्षता एवं दिशा-निर्देशन में अपर जिला जज प्रथम एहसाान हुसैन व स्पेशल जज(ई०सी०एक्ट)/नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत संजय कुमार चतुर्थ एवं अपर जिला जज/ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव तथा जनपद के समस्त अधिकारीगण के सतत प्रयास से जनपद न्यायालय व समस्त राजस्व न्यायालयों एवं समस्त विभागों में परस्पर सहयोग से शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।सर्वप्रथम जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष चवनप्रकाश द्वारा दीप प्रज्जवलन कर व माँ सरस्वती की प्रतिमा का माल्यार्पण कर लोक अदालत को शुभारम्भ किया गया।उक्त अवसर पर न्यायिक अधिकारीगण के अतिरिक्त जिला बार एसोशिएसन के अध्यक्ष अनिल गौर व महामंत्री देवेन्द्र पाल एवं सिविल बार एसोशिएसन के अध्यक्ष अनिल कुमार तिवारी उपस्थित रहे।
उक्त लोक अदालत में सकल रूप से 125853 वादों का निस्तारण किया गया जिसमें से आर्बिट्रेशन के वादों में मााननीय जनपद न्यायाधीश चवन प्रकाश द्वारा 02.विशेष न्यायाधीश (ट्रायंग रेप केस्स)श्रीमती राखी चौहान द्वारा 01,व अपर जिला जज/एफटीसी प्रथम श्री रूपेन्द्र सिंह टाँगर द्वारा 01 इस प्रकार कुल 04 वादों का निस्तारण किया गया।पीठासीन अधिकारी एम०ए०सी०टी०श्रीमती ब्रजेश सिंह द्वारा 105 वादों का निस्तारण किया गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अजय कृष्ण 28 व अतिरिक्त न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्रीमती कल्पना द्वितीय द्वारा 41,इस प्रकार कुल 69 वैवाहिक प्रकरणों का निस्तारण किया गया।प्री-लिटिगेशन स्तर के दाम्पत्य विवादों में कुल 01 प्रकरण का सफलतापूर्वक निस्तारण श्रीमती कल्पना द्वितीय तथा मध्यस्थ अधिवक्ता राजीव दीक्षित की पीठ द्वारा किया गया।कुल 15 जोडो की साथ विदाई करायी गयी। सी०जे०एम०नीरज कुशवाह व अन्य मजिस्ट्रेट न्यायालयों द्वारा कुल 9322 फौजदारी वादों का निस्तारण किया गया।
अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि न्यायिक अधिकारीगण के अतिरिक्त विभिन्न विभागों व बैंको से सम्बन्धित प्री लिटिगेशन के 116096 वाद निस्तारित किए गए जिनमे 315539563/-रू० वसूल किए गए।प्री-लिटिगेशन तथा लम्बित वादों का निस्तारण करते हुए सकल रूप से 364054905/-रू0 वसूल किए गए।इस लोक अदालत में विभिन्न दूर-सुदूर क्षेत्रों से आए हुए लोगों को बैंकों के ऋण के भुगतान के संबंध में अच्छी छूट दी गई।राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक अधिकारीगण,प्रशासनिक अधिकारीगण,अधिवक्तागण सहित काफी संख्या में वादकारीगण उपस्थित रहे।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular