शिया-सुन्नी समुदाय एक मंच पर आए, ट्रंप और नेतन्याहू का पुतला फूंका
फतेहपुर। जनपद के अल्लीपुर बहेरा स्थित इमामबाड़े से ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामनेई की शहादत पर शोक व्यक्त करते हुए बड़ी संख्या में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान शिया और सुन्नी समुदाय के लोग एक मंच पर एकजुट दिखाई दिए और हाथों में मोमबत्तियां व शहीद नेता की तस्वीरें लेकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कैंडल मार्च अल्लीपुर बहेरा के मुख्य मार्गों से होते हुए इमामबाड़े पर पहुंचा, जहां अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी भी की। कार्यक्रम में मौलाना सैय्यद खादिम अब्बास ज़ैदी ने कहा कि हमारे रहबर की शहादत पूरी उम्मत के लिए फख्र की बात है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ डटकर मुकाबला किया और अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
वहीं साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार शहंशाह आब्दी ने कहा कि हमारे रहबर ने अन्याय के सामने कभी सिर नहीं झुकाया और सच की राह पर डटे रहे। उनकी शहादत दुनिया के लिए एक संदेश है कि अत्याचार के सामने कभी झुकना नहीं चाहिए। आगे बताया गया कि इस विरोध प्रदर्शन में महमूद अंसारी ने गुजरात में इलाज के दौरान भी फोन के माध्यम से लोगों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।
कैंडल मार्च में अमानत आब्दी, फरमान आब्दी, नदीम आब्दी, एकराम भाई सहित बूढ़नपुर, अल्लीपुर और बहेरा सादात, ऐरायां सादात क्षेत्र के बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सबसे अच्छी और बड़ी बात ये रही कि इस कार्यक्रम में शिया और सुन्नी समुदाय के लोग एक साथ नजर आए।





