Wednesday, March 4, 2026
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श्री बुद्ध वीथिका लगाकर, इन्टैक उरई व प्रांतीय धरोहर समिति ने मनाया प्राकट्योत्सव

उरई। इन्टैक उरई अध्याय व प्रान्तीय धरोहर समिति संस्कार भारती के संयुक्त तत्वावधान में श्री बुद्ध पूर्णिमा के पुनीत अवसर पर चूडी वाली गली स्थित श्रीमती सन्ध्या पुरवार के निज निवास पर श्री बुद्ध वीथिका का आयोजन किया गया।

इस बुद्ध वीथिका में चीन, जापान, मंगोलिया, तिब्बत,श्री लंका ,भूटान आदि देशों के साथ अपने भारत के डाक विभाग द्वारा जारी तमाम डाक टिकटों का प्रदर्शन किया गया है। इन डाक टिकटों पर श्री बुद्ध जी के साधनारत , की प्रकार के चित्रों का अंकन है। कुछ डाक टिकट श्री बुद्ध भगवान जी के जीवन चरित्र पर भी आधारित हैं।

वीथिका में जापान , चीन, श्रीलंका , भूटान, तथा मंगोलिया की विभिन्न आकार प्रकार की मुद्राओं का भी प्रदर्शन किया गया है। इन मुद्राओं में मंगोलिया की त्रिआयामी ,पूर्ण रजतीय श्री बुद्ध मूर्ति रूपी मुद्रा अत्यन्त दुर्लभ एवं आकर्षण का केन्द्र रही। मुद्राओं में भारत की कुषाण कालीन व गुप्त कालीन मुद्रायें भी प्रदर्शित की गई।

इस वीथिका में भगवान श्री बुद्ध की दो पेन्टिंगस भी प्रदर्शित की गई जिनमें से एक पेन्टिंग में श्री बुद्ध भगवान अपने पहले पांच शिष्यों को उपदेश देते दर्शाये गये हैंडराइटिंग दूसरी पेन्टिंग में श्री बुद्ध भगवान की पत्नी यशोधरा को प्रतीक्षारत द्वार पर खडे दिखलाया गया है। ये दोनो ही पेन्टिंगस् लगभग 90 वर्ष पूर्व की निर्मित हैं।

वीथिका में 16 वीं शताब्दी की रैड जैड पत्थर की श्री बुद्ध जी की विश्राम मुद्रा की दुर्लभ मूर्ति के साथ साथ श्वेत मार्बल पत्थर की 19 वीं शताब्दी का श्री बुद्ध शीर्ष तथा 18 वीं शताब्दी की पन्ना, धुंधला तथा ब्लैक जैड के श्री बुद्ध शीर्ष अत्यन्त आकर्षित करने वाले हैं।

इस वीथिका में श्रीलंका स्थित श्री बुद्ध भगवान की ज्ञान साधना का साक्षी एक पीपल पत्र भी प्रदर्शित किया गया है जिसे डा0 पुरवार स्वयं श्री लंका से लेकर आये थे। वीथिका में पुरवार दम्पति के तमाम बौद्ध देशों के बौद्ध मन्दिरों के भ्रमण के चित्र भी प्रदर्शित किये गये हैं जिनमें थाईलैंड, श्रीलंका, भूटान, कम्बोडिया, वियतनाम आदि प्रमुख हैं।

इस श्री वीथिका में भगवान श्री बुद्ध के विचारों से पूर्णतः ओतप्रोत विश्व की छत कहे जाने वाले तिब्बत के लगभग 80-90 वर्ष पूर्व के हाथ द्वारा छापे गये 10 तथा 100 स्रान्ग मूल्य के लाल पीले नीले काले रंग से छपे अप्राप्त नोट भी प्रदर्शित किये गये। इनके साथ ही थाईलैंड तथा कम्बोडिया के श्री बुद्ध भगवान के चित्र से युक्त आधुनिक नोट भी आकर्षण का केन्द्र रहे।

आजकल समाज में लाफिंग बुद्धा का क्रेज बहुत हैं । लोग लाफिंग बुद्धा को अपनी उन्नति का आधार मानते हुये, उनकी मूर्तियों को अपने घरों में सकारात्मक ऊर्जा हेतु सजाने लगे हैं। इस वीथिका में भी लाफिंग बुद्धा की विभिन्न आकार प्रकार की मूर्तियों के साथ लाफिंग बुद्धा के चित्र युक्त श्री लंका व न्यू आईलैण्ड की आकर्षक अपरिचालित रजतीय मुद्रायें भी प्रदर्शित की गई।

अपने जनपद जालौन की सुर सम्राज्ञी बहिना मायासिंह जी की स्नेहिल उपस्थिति अत्याधिक प्रेरणास्पद रही। उन्होंने कहा कि यहां वीथिका में आकर बहुत कुछ दुर्लभ देखने को मिलता है साथ साथ बहुत कुछ नवीन जानकारियां भी मिलतीं हैं। मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लगता है। भारत विकास परिषद स्वामी विवेकानंद शाखा उरई के अध्यक्ष उमाकांत गुप्ता, श्रीमती, मन्जू विजय रावत, महावीर शरण सरावगी, श्रीमती अनीता गुप्ता, श्रीमती गरिमा पाठक, श्रीमती प्रियन्का अग्रवाल, दर्ष अग्रवाल , श्रीमती प्रिया गुप्ता, राहुल पाटकर, आदि की विशेष उपस्थिति रही।अन्त में श्रीमती ऊषा सिंह निरंजन ने सभी आगन्तुकों का आभार प्रदर्शित किया।

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