जानिए टाटा मोटर्स को क्यों होगा इतना बड़ा नुकसान

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जानिए टाटा मोटर्स को क्यों होगा इतना बड़ा नुकसान

जमशेदपुर : कोविड 19 की दूसरी लहर का प्रकोप कम होने के बाद बाजार में जबदस्त उछाल आया है और भारतीय अर्थव्यवस्था में भी तेजी आई है। इसके कारण कंपनियों का न सिर्फ उत्पादन बढ़ा है बल्कि डिमांड भी बढ़ी है। लोग और आधुनिक हो रहे हैं। हालांकि कुछ बाहरी तंत्र ऐसे भी है जो अब भी बाजार को न सिर्फ प्रभावित कर रहे हैं बल्कि इससे सामानों की आपूर्ति भी समय पर पूरी नहीं हो पा रही है। इस बाहरी वजह से ही बाजार विशेषज्ञ मान रहे हैं दूसरी छमाही में टाटा मोटर्स का नुकसान हो सकता है।

टाटा मोटर्स के शेयर में आई है 45 प्रतिशत की मजबूती

आपको बता दें कि टाटा मोटर्स के शेयर में पिछले एक माह में 45 प्रतिशत की मजबूती आई है और वर्तमान में टाटा मोटर्स के शेयर 480 से 500 के स्ट्रांग पोजिशन पर है। हालांकि वैश्विक स्तर पर सेमी कंडक्टर की कमी का असर अब टाटा मोटर्स लिमिटेड की कंपनियों पर पड रहा है।

सेमी कंडक्टर की कमी के कारण जगुआर लैंड रोवर के कारोबार पर गंभीर रूप से असर पड़ा है जो सिंतबर वाली तिमाही के वित्तीय रिपोर्ट में देखा जा सकता है। हालांकि घरेलू बाजार में कंपनी के उत्पादों की जबदस्त डिमांड बनी हुई है। इसके बावजूद बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के एबिटा मार्जिन में भी भारी गिरावट आ सकती है

कंपनी को हो सकता है करोड़ों का नुकसान

वित्त विशेषज्ञ अनिल गुप्ता ने कंपनी के दूसरी तिमाही के आंकड़ों के आधार पर उम्मीद जताई है कि टाटा मोटर्स को 3,146.60 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है जबकि कंपनी की साला बिक्री 14.3 प्रतिशत सालाना बढ़कर 61,166.20 करोड़ रुपये हो गई है।
उनका मानना है कि भारतीय बाजार में निजी वाहन की मजबूती को देखा जा सकता है। जबकि कॉमर्शियल वाहनों के व्यापार में चक्रीय सुधार आने से बाजार में भारी वाहनों की डिमांड बढ़ी है। इसके बावजूद सेमी कंडक्टर के कारण जगुआर लैंड रोवर का कारोबार प्रभावित हो रहा है। कंपनी उतने वाहनों की आपूर्ति नहीं कर पा रही है जितना बाजार में डिमांड है।

दिसंबर माह में रिकवरी की उम्मीद

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जगुआर लैंड रोवर मिक्स में सुधार जारी रहेगा। कंपनी अपने उत्पादन लागत में कटौती कर रही है। ऐसे में हम दिसंबर माह में खत्म होने वाली तीसरी तिमाही में वॉल्यूम की रिकवरी की उम्मीद कर सकते हैं। दिसंबर माह में कंपनी 92 हजार जबकि मार्च के अंत में समाप्त होने वाले चौथे तिमाही में 11,900 यूनिट की बिक्री कर सकती है। इससे कंपनी का समेकित घाटा 4,416 करोड़ रुपये होगा हालाकि कंपनी का राजस्व बढ़कर 60,818 करोड़ रुपये तक होने की उम्मीद है।